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खुदरा दुकानदारों पर तीसरी लहर की मार

Last Updated- December 11, 2022 | 10:06 PM IST

कोविड-19 की तीसरी लहर से टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद एवं पैकेटबंद वस्तुओं के खुदरा दुकानदारों और दोपहिया वाहन डीलरों पर बुरा असर पड़ा है मगर ई-कॉमर्स कंपनियां तगड़ी कमाई कर रही हैं। आगे अनिश्चितता और लगातार महंगाई से चिंतित उपभोक्ता गैर-जरूरी चीजों की खरीद घटा रहे हैं, लेकिन किराना, दवा, कोविड जांच किट जैसी जरूरी चीजों की खूब खरीदारी कर रहे हैं।
गोदरेज अप्लायंसेज के कारोबारी प्रमुख और कार्यकारी उपाध्यक्ष कमल नंदी ने कहा कि तीसरी तिमाही में त्योहारी सीजन होने के बावजूद क्षेत्र की मात्रात्मक बिक्री 20 से 25 फीसदी घटी है और कीमत के लिहाज से भी बिक्री में 5 से 10 फीसदी गिरावट आई है। यह स्थिति तब है, जब कंपनियों ने कीमतों में 15 से 16 फीसदी बढ़ोतरी की थी। नंदी ने कहा, ‘लोगों ने इस साल गैर-जरूरी चीजों पर खर्च नहीं किया और अर्थव्यवस्था में महंगाई से रुझान कमजोर बना हुआ है। उपभोक्ताओं ने ज्यादातर खर्च जरूरी चीजों पर किया है और उनका गैर-जरूरी चीजों पर खर्च को लेकर रुझान सुस्त रहा है।’
स्नैपबिज के मुख्य कार्याधिकारी प्रेम कुमार ने कहा कि घर का बजट कम होने से जरूरी चीजों में भी सस्ते विकल्पों का आकर्षण बढ़ रहा है। नतीजतन छोटे किराना दुकानदार क्षेत्रीय ब्रांडों का ज्यादा स्टॉक कर रहे हैं। कुमार ने कहा, ‘परिवारों ने खर्च घटा दिया है और वे सस्ते विकल्प अपना रहे हैं।’ स्नैपबिज देश भर में किराना दुकानों के लिए डिजिटल समाधान मुहैया कराती है।
कोविड की वजह से लगाए गए प्रतिबंधों के कारण उपभोक्ता घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं, जिससे ई-कॉमर्स कंपनियों का कारोबार बढ़ा है। फ्लिपकार्ट के एक प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी ने पिछले 12 दिनों में स्वास्थ्य जांच किट, ऑक्सीमीटर, डिजिटल थर्मोमीटर और किराना की मांग में अहम बढ़ोतरी दर्ज की है। प्रवक्ता ने कहा, ‘इस अवधि में ऑक्सीमीटर की मांग में 3.5 गुना और स्वास्थ्य जांच किट की मांग में 22 गुना बढ़ोतरी हुई है, जबकि किराना में 1.6 गुना वृद्धि रही है।’
इसी तरह सॉफ्टबैंक समर्थित इंटरनेट कॉमर्स प्लेटफॉर्म मीशो के पास स्वास्थ्य एवं सेहत उत्पादों की मांग बढ़ी है। कंपनी के सैनिटाइजर के ऑर्डर दोगुने और मास्क की मांग 34 फीसदी बढ़ी है। क्विक कॉसर्म प्लेटफॉर्म जेप्टो की बिक्री में भी अहम वद्धि हुई है। इसमें साप्ताहिक आधार पर 36 फीसदी बढ़ोतरी हो रही है। उपभोक्ता खाने-पीने की जरूरी चीजों और पैकेटबंद खाद्य का भंडारण कर रहे हैं। आटा, चावल, तेल, मेवे जैसी खाने-पीने की आवश्यक वस्तुओं की मांग में 49 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। खाने-पीने की आवश्यक चीजों में दालों की मांग 76 फीसदी बढ़ी है, जबकि खाद्यान्न एवं चावल उत्पादों की मांग में 54 फीसदी इजाफा हुआ है। कंपनी के पास आटा एवं तेल जैसी श्रेणियों में मांग 35 फीसदी से अधिक बढ़ी है।

First Published - January 14, 2022 | 11:02 PM IST

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