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Rupee vs Dollar: दो दिन की बढ़त थमी, डॉलर की नई मांग से रुपया फिसला

रुपया 95.27 प्रति डॉलर के पिछले बंद भाव के मुकाबले 95.76 प्रति डॉलर पर बंद हुआ

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अंजलि कुमारी   
Last Updated- June 11, 2026 | 11:52 PM IST

गुरुवार को डॉलर की नई मांग के कारण दो दिन से रुपये में जारी बढ़त का सिलसिला थम गया। यह मांग खासकर फॉरवर्ड परिपक्वता से जुड़ी थी। डीलरों ने बताया कि तेल कंपनियों की डॉलर मांग ने भी रुपये पर दबाव डाला।

रुपया 95.27 प्रति डॉलर के पिछले बंद भाव के मुकाबले 95.76 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। दूसरी ओर, बेंचमार्क 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड पर यील्ड 2 आधार अंक घटकर 6.92 फीसदी पर आ गई क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक के हालिया कदमों के बाद विदेशी निवेश की उम्मीदों को लेकर सकारात्मक माहौल बना हुआ है।

बाजार के जानकारों का कहना है कि ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव की वजह से वैश्विक बाजार में जोखिम लेने से बचने का माहौल बना, जिससे डॉलर इंडेक्स और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं और घरेलू मुद्रा पर दबाव पड़ा।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा, दो दिन की बढ़त के बाद भारतीय रुपया कमजोर हुआ। इसकी वजह फॉरवर्ड परिपक्वता के कारण डॉलर की नई मांग और सुरक्षित ठिकाने में निवेश के चलते डॉलर इंडेक्स में रिकवरी थी।

परमार के अनुसार, हाल के सत्र में डॉलर-रुपये की जोड़ी को 95.80 प्रति डॉलर के स्तर पर प्रतिरोध का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा, अगर यह 95.80 के स्तर को मजबूती से पार कर लेती है तो इससे तेजी से शॉर्ट कवरिंग और आक्रामक हेजिंग हो सकती है, जिससे यह 96.50 की ओर बढ़ सकती है। दूसरी ओर, 94.70 प्रति डॉलर का स्तर मजबूत आधार बना हुआ है।

आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार फॉरवर्ड मार्केट में आरबीआई की बकाया नेट शॉर्ट डॉलर पोजीशन पहली बार घट गईं। मार्च के आखिर में उसकी ये पोजीशन 103.06 अरब डॉलर थीं जो अप्रैल के आखिर में 95.30 अरब डॉलर रह गईं। 95 अरब डॉलर की नेट शॉर्ट डॉलर पोजीशन में से 13.52 अरब डॉलर एक महीने के कॉन्ट्रैक्ट में, 10.90 अरब डॉलर 1-3 महीने की अवधि में, 20.15 अरब डॉलर की पोजीशन तीन महीने से एक साल के बीच परिपक्व होने वाली थी और बाकी 50 अरब डॉलर एक साल से ज्यादा समय के कॉन्ट्रैक्ट में थे। बाजार के प्रतिभागियों ने बताया कि आरबीआई ने दिन के दौरान डॉलर बेचकर विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप किया।

फिनरेक्स ट्रेज़री एडवाइजर्स एलएलपी के ट्रेजरी प्रमुख और कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा, आरबीआई ने शुरू में 95.65 प्रति डॉलर और बाद में 95.75 प्रति डॉलर के स्तर को बनाए रखा, जिससे यह 95.80 प्रति डॉलर के स्तर से नीचे रहा।

First Published : June 11, 2026 | 11:52 PM IST