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कोरोना की मार से उबरा बर्तन कारोबार

Last Updated- December 11, 2022 | 1:38 PM IST

बर्तन कारोबार अब कोरोना की मार से उबरने लगा है। इस साल धनतेरस पर पिछले साल से ज्यादा बिक्री होने की उम्मीद है। हालांकि लागत बढ़ने से बर्तनों के दाम ज्यादा हैं। फिर भी कोरोना का असर खत्म होने से दो साल बाद लोग धनतेरस पर ज्यादा बर्तन खरीद सकते हैं।

कारोबारियों का कहना है कि महंगाई को देखते खरीदारों ने बजट जरूर पहले से कम किया है, लेकिन इस बार सभी लोगों द्वारा बर्तन खरीदने की उम्मीद से कुल बिक्री ज्यादा रहने वाली है। दो साल कोरोना के दौरान बडे स्तर पर लोगों ने सिर्फ खानापूर्ति के लिए बर्तन खरीदे थे। कोरोना के दौरान त्योहारों पर कारोबारियों ने स्टॉक के लिए माल खरीदने से परहेज किया था। अब ऐसा नहीं है क्योंकि उन्हें आगे भी बर्तन बिकने की उम्मीद है।

कोरोना से पहले दिल्ली में बर्तन कारोबार 1,200 से 1,500 करोड़ रुपये था। बर्तन उद्योग के मुताबिक इस साल 1,000 से 1,200 करोड़ रुपये का कारोबार होने की उम्मीद है। पिछले साल 700 से 800 रुपये करोड़ रुपये के ही बर्तन बिके थे।

बर्तन व्यापार महासंघ दिल्ली प्रदेश के महामंत्री मनमोहन ढींगरा ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि कच्चा माल, परिवहन, मजदूरी आदि लागत महंगी होने से बर्तन महंगे है। फिर भी इस बार मांग ज्यादा है। दाम ज्यादा होने से खासकर गिफ्ट वालों ने बजट जरूर कम किया है। पहले जो लोग 1,200 से 1,500 रुपये के बर्तन खरीदते थे, वो अब 1,000 से 1,200 रुपये के बजट में बर्तन खरीद रहे हैं। कारपोरेट के अलावा अन्य खरीदारों की तरफ से इस बार मांग अच्छी है। इसलिए कुल बिक्री पिछले साल से ज्यादा रहने वाली है। छोटे बर्तनों की थोक खरीद अब लगभग पूरी हो चुकी है। अब धनतेरस के दिन खुदरा बिक्री होगी। थोक खरीद को देखते हुए लगता है इस बार धनतेरस पर बर्तनों की बिक्री ज्यादा रहने वाली है।

इस बार कारोबारियों को यह भी उम्मीद है कि जो बर्तन धनतेरस पर नहीं बिकेंगे वो आगे खासकर शादियों के सीजन में बिक जाएंगे। दिल्ली में वजीरपुर बर्तन निर्माण का बड़ा केंद्र है।

वजीरपुर के बर्तन निर्माता सतीश जैन कहते हैं कि इस साल त्योहारी सीजन के दौरान उन्हें बर्तनों के आर्डर पिछले साल से दोगुने मिले हैं। कारोबारियों ने धनतेरस के साथ ही शादियों के लिए भी इस बार खूब बर्तन खरीदे हैं क्योंकि अब उन्हें कोरोना खत्म होने से आगे धंधा चौपट होने का डर नहीं है। दिल्ली में डिप्टी गंज बर्तन का सबसे बडा थोक बाजार है और यहां 300 कारोबारी कारोबार करते हैं। जो दिल्ली ही नहीं अन्य राज्यों को भी बर्तन की आपूर्ति करते हैं।

डिप्टीगंज स्टेनलेस यूटेंसिल्स ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुधीर जैन कहते हैं कि इस साल बर्तन 20 से 25 फीसदी महंगे हैं। लेकिन इसका बिक्री पर कोई नकारात्मक असर नहीं है। बर्तन महंगे होने के बावजूद बिक्री 30 फीसदी बढ़ने का अनुमान है। इसकी मुख्य वजह दो साल तक कोरोना के कारण बिक्री कम हुई थी, लेकिन अब इसका असर खत्म होने से लोग खर्च करने लगे हैं।

कारोबारियों को बिना बिके माल के आगे बिकने की उम्मीद है। इसलिए वे स्टॉक के लिए भी बर्तन खरीदने से परहेज नहीं कर रहे हैं। जैन ने कहा कि हालांकि दीवाली पर गिफट के रूप में कॉरपोरेट क्षेत्र द्वारा कोरोना से पहले की तरह आर्डर नहीं मिले हैं। अगर उनकी ओर से भरपूर आर्डर मिलते तो इस बार कारोबार कोरोना पूर्व से काफी ज्यादा होता। 
 

First Published - October 17, 2022 | 5:39 PM IST

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