facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

पंजाब में गेहूं खरीद 1 अप्रैल से

Last Updated- December 10, 2022 | 9:10 PM IST

पंजाब में गेहूं की सरकारी खरीद 1 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। राज्य सरकार ने इस खरीदारी के लिए जूट बैग के साथ प्लास्टिक बैग का भी इंतजाम कर लिया है।
आगामी 15 मई तक पंजाब में गेहूं की पूरी खरीदारी करने का लक्ष्य रखा गया है। पंजाब में इस साल भी पिछले साल की तरह ही करीब 157 लाख टन गेहूं उत्पादन का अनुमान है। सरकार ने देश भर में इस साल के लिए लगभग 7.78 करोड़ टन गेहूं उत्पादन का अनुमान लगाया है।
पंजाब से प्राप्त जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार ने 1624 मंडियों में गेहूं की खरीदारी की व्यवस्था की है। किसानों को भुगतान के लिए पंजाब सरकार को रिजर्व बैंक की तरफ से 12,153 करोड़ रुपये भेज दिए गए हैं। किसानों को गेहूं बेचने के 48 घंटों के भीतर भुगतान कर दिया जाएगा। इस साल के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 1080 रुपये प्रति क्विंटल है।
गेहूं खरीदने के लिए सरकार ने पश्चिम बंगाल से 2,33,000 जूट बैग बेल भी मंगा लिया है। एक बेल में 500 जूट की बोरियां होती है। इसके अलावा बोरी कम पड़ने की आशंका के मद्देनजर पंजाब सरकार ने 1 लाख प्लास्टिक बोरियां भी मंगाई हैं। एक बोरी में 50 किलोग्राम गेहूं रखने की क्षमता होती है।
माना जा रहा है कि इस साल भी पिछले साल की तरह अधिकतम खरीदारी सरकार ही करने जा रही है। कुल गेहूं उपज की मात्र  2-3 फीसदी खरीदारी ही निजी रूप से हो पाती है। गेहूं के सरकारी भंडारण में पंजाब का योगदान 60 फीसदी तक होता है। हालांकि उत्पादन के लिहाज से उत्तर प्रदेश पंजाब से आगे हैं। केंद्र सरकार के भंडार में फिलहाल 150 लाख टन से अधिक गेहूं है।
हालांकि दो दिन पहले पंजाब में हुई बारिश व धूल भरी हवा के कारण आगामी 1 अप्रैल से गेहूं की बहुत ही कम मात्रा में खरीदारी की उम्मीद जतायी जा रही है। लेकिन अप्रैल के दूसरे सप्ताह से गेहूं की खरीद अपनी रफ्तार पकड़ लेगी।
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्री एमएस सिध्दू कहते हैं, ’10 साल पहले तक गेहूं की खरीदारी 13 अप्रैल को होने वाली बैसाखी के दिन से शुरू होती थी। लेकिन वैश्विक तापमान के बढ़ने के कारण सभी फसल समय से पहले तैयार हो रही है।’
अधिक तापमान व बारिश नहीं होने के कारण उत्तर प्रदेश में समय से 10 दिन पहले गेहूं की कटाई आरंभ होने की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गन्ने की कटाई में हुई देरी की वजह से गेहूं की बुवाई दिसंबर के आखिर तक हुई है। 

First Published - March 23, 2009 | 6:32 PM IST

संबंधित पोस्ट