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यूपी में गेहूं की खरीद शुरू

Last Updated- December 10, 2022 | 11:15 PM IST

रबी की अच्छी फसल के अनुमानों के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य भर में गेंहू खरीद के केंद्र खोल दिए हैं।
मायावती सरकार ने इस साल के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1080 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। साथ ही राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि बीते दो सालों की तरह इस बार भी निजी कंपनियों को कृषि उत्पादन मंडी समिति किसानों से सीधे खरीद की इजाजत नही देगी।
 राज्य सरकार ने इस बार छह सरकारी एजेंसियों के जरिए 20 लाख टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा है। प्रदेश के कई जिलों में खरीद केंद्र आज ही से खोल दिए गए हैं और खरीद का काम शुरु कर दिया गया है। खाद्य और रसद विभाग के प्रमुख सचिव जैकब थामस ने राजधानी के गेहूं खरीद केंद्रों का निरीक्षण कर और अधिक तौल केंद्र खोलने के निर्देश दिए हैं।
 साथ ही सरकार ने गेहूं के समुचित रख-ररखाव के लिए बोरों की खरीद के भी आदेश दे दिए हैं। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2004-05 और 2005-06 में निजी कंपनियों, आईटीसी और कारगिल को राज्य में किसानों से सीधे गेहूं खरीद की इजाजत दी थी।
निजी कंपनियों की खरीद के चलते सरकार का गेहूं खरीद का लक्ष्य एक चौथाई भी पूरा नही हो सका था। निजी कंपनियों ने न केवल किसानों के खेतों से सीधे खरीद की थी बल्कि अच्छी फसल पर बोनस भी दिया था। सरकारी खरीद का लक्ष्य पूरा न होने पर वर्ष 2006 से उत्तर प्रदेश में मंडी परिषद ने निजी कंपनियों को गेहूं खरीद का लाइसेंस देना बंद कर दिया था। 
निजी कंपनियों को खरीद की इजाजत न देने के बाद वर्ष 2007 में उत्तर प्रदेश सरकार ने लक्ष्य से कहीं ज्यादा 27 लाख टन गेहूं की खरीद कर डाली थी। खाद्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इस साल राज्य में खाद्य और आवश्यक वस्तु निगम, प्रादेशिक कोऑपरेटिव फेडरेशन, नेफेड, यूपी एग्रो और राज्य की विपणन शाखा ने खरीद केंद्र खोले हैं। अधिकारियों का अनुमान है कि गेहूं खरीद का लक्ष्य तय समय सीमा 30 मई से पहले ही पूरा कर लिया जाएगा।

First Published - April 4, 2009 | 5:48 PM IST

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