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जेम पोर्टल पर वर्क कॉन्ट्रैक्ट जल्द

Last Updated- December 12, 2022 | 3:38 AM IST

सरकार सार्वजनिक खरीद पोर्टल गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम)  पर वर्क कांट्रैक्ट को अनुमति देने के प्रस्ताव पर काम कर रही है। जीईएम के मुख्य कार्याधिकारी प्रशांत कुमार सिंह ने कहा कि ऐसा होने पर कॉन्ट्रैक्ट को बाधारतित तरीके से लागू करने, समय घटाने, प्रक्रिया के मानकीकरण में मदद मिलेगी।
वर्क कॉन्ट्रैक्ट में सेवाओं के साथ वस्तुओं का हस्तांतरण, भवनों, सड़कों का निर्माण और संयत्रों की स्थापना सहित अन्य कार्य शामिल हैं।
सिंह ने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा, ‘वर्क कॉन्ट्रैक्ट व्यापक क्षेत्र है। सरकार के विभिन्न विभाग टेंडर के लिए अलग अलग मानकों व शर्तों का पालन करते हैं। हम चाहते हैं कि पूरी प्रक्रिया का मानकीकरण हो और इसे जीईएम प्लेटफॉर्म पर लाया जाए। इसमें बोली दस्तावेजों का मानकीकरण होगा और इसमें आरएफपी बिल्डर का फीचर शामिल होगा। परिणामस्वरूप पीएसयू को जो काम करने मेंं 4 से 5 महीने लग जाते हैं, उसे तत्काल किया जा सकेगा।’ उन्होंने कहा, ‘इससे समय घटेगा, एकरूपता बन सकेगी, ऑडिट जांच में पूरी तरह से पारदर्शिता होगी और याचिकाओं में कमी आएगी।’
जीईएम इस प्रस्ताव को अंतिम रूप देने में लगा है और इसे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय को भेजेगा। उसके बाद इसे मंजूरी के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल के पास भेजा जाएगा।
इस समय केंद्र सरकार के सभी मंत्रालय और विभाग वस्तु एवं सेवाएं सिर्फ जीईएम पोर्टल से खरीद सकते हैं, जो पंजीकृत वस्तु एवं सेवा प्रदाताओं से लेना होता है।
फरवरी, 2020 के बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि जीईएम पूरे देश में एकीकृत खरीद व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, जिसमें वस्तु, सेवाएं व कार्य शामिल हैं। सीतारमण ने कहा था, ‘यह मझोले, छोटे और सूक्ष्म उद्यमों (एमएसएमई) के लिए बेहतर मौका मुहैया कराएगा। इस प्लेटफॉर्म से 3.24 लाख वेंडर पहले से ही जुड़े हुए हैं।’
सरकार ने 2016 में एंड टु एंड मार्केटप्लेस के रूप में जीईएम पेश किया था, जिससे केंद्र, राज्यों और सार्वजनिक उपक्रमों में सामान्य रूप से इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं व सेवाओं की पारदर्शी, कुशल खरीद हो सके। यह गवर्नमेंट टु बिजनेस प्लेटफॉर्म है।
सिंह ने यह भी कहा कि छोटे कारोबारियों को जीईएम पोर्टल पर सक्रिय करने के लिए जीईएम सहाय पहल शुरू की गई है। इसके माध्मम से बगैर किसी जमानत के कार्यशील पूंजी कर्ज मुहैया कराया जाएगा। जीईएम ने इसके लिए बैंकों व एनबीएफसी से समझौता किया है। यह सुविधा 7 जून को सुरू हो गई है और उम्मीद है कि इससे प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत 7 लाख एमएसएमई को फायदा होगा।

First Published - June 15, 2021 | 11:43 PM IST

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