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उड़ीसा के बायो-टेक क्षेत्र में 40 कंपनियों ने दिखाई दिलचस्पी

Last Updated- December 07, 2022 | 7:06 PM IST

उड़ीसा में जैव-उर्वरक, केंचुए से बनने वाली खाद, जैविक खाद, टिश्यू कल्चर, एंटी बॉडीज किट, जड़ी-बूटियों से बनने वाले सिरप, अकार्बनिक उर्वरकों, कृषि रसायन और सुगंधित तेलों जैसे बायो-टेक के क्षेत्र में निवेश करने के लिए लगभग 40 कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई है।


ऐसी कंपनियों में सरत बायो-टेक लिमिटेड, डाउबोर्न एग्रो मलट्रिओन्ट्स, रेड्डी बायो फर्टिलाइजर, कोणार्क बायो फर्टिलाइजर्स, मल्टीफ्लेक्स बायो-टेक प्राइवेट लिमिटेड, एसजी एग्रो केमिकल, रायगढ ऌंस्टीटयूट ऑफ एरोमैटिक मेडीसिनल प्लांट और बी एम एसेंशियल ऑयल शामिल हैं।

भुवनेश्वर के जिला औद्योगिक केंद्र में 12 कंपनियों ने अपना प्रस्ताव दाखिल किया है और 27 कंपनियां रायगढ़ जिला औद्योगिक केंद्र के रास्ते आई हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार पीपुल्स फोरम नाम की कंपनी ने अपना आवेदन नयागढ़ जिला औद्योगिक केंद्र में दाखिल किया है।

इसके अतिरिक्त उड़ीसा सरकार जैव-तकनीकी (बायो-टेक्नोलॉजी) क्षेत्र में 1,293 करोड़ रुपये मूल्य के निवेश प्रस्तावों पर विचार कर रही है। इसमें 1,200 करोड़ रुपये की नेक्स्ट जेनरेशन टेक्ोलॉजी (एक अमेरिकी कंपनी) की परियोजना और हैदराबाद की कंपनी भारत बायो-टेक इंटरनेशनल लिमिटेड शामिल हैं।

अमेरिकी बायो-टेक्नोलॉजी कंपनी, ‘नेक्स्ट जेनरेशन टेक्नोलॉजी ‘ ने उड़ीसा में बायो-टेक शोध केंद्र और सूचना प्रौद्योगिकी सेवा केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव सरकार के समक्ष रखा है। इस कंपनी ने डेरास स्थित सरकारी फार्म, जो भुवनेश्वर की सीमा पर है, के समीप 100 एकड़ जमीन की मांग की है। इस परियोजना सेलगभग 25,000 लोगों को नौकरी के अवसर प्राप्त होंगे।

यह भुवनेश्वर के नजदीक अंधौरा में प्रस्तावित बायो-टेक फार्मा और आईटी पार्क में दिलचस्पी दिखाने वाली 17 कंपनियों के अतिरिक्त है। इस सूची में कोलकाती स्थित किट प्लाई इंडस्ट्रीज, एमएसवी लैबोरेटरीज ऐंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड, नई दिल्ली की सी वीड्स बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड और चेन्नई की ईआईडी पैरी (भारत) लिमिटेड शामिल हैं।

बायो-टेक के क्षेत्र में बड़ी संख्या में निवेश के प्रस्तावों को देखते हुए उड़ीसा सरकार ने हाल ही में इन प्रस्तावों की जांच-पड़ताल के लिए विशेषज्ञों की एक समिति बनाई है। विज्ञान एवं तकनीकी विभाग के सचिव विशेषज्ञों की समिति का नेतृत्व करेंगे।

सूत्रों ने बताया कि इस समिति के 10 अन्य सदस्यों में आईआईटी खड़गपुर के बायो-टेक्नोलॉजी विभाग के प्रमुख और उड़ीसा सरकार के बायो-टेक्नोलॉजी विभाग के निदेशक भी शामिल हैं। विशेषज्ञों की यह समिति उन प्रस्तावों की समीक्षा करेगी जो इंडस्ट्रियल प्रमोशन ऐंड इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ उड़ीसा लिमिटेड (आईपीआईसीओएल) और राज्य सरकार के इन्डस्ट्रियल इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के रास्ते आई हैं।

First Published - August 31, 2008 | 10:44 PM IST

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