अरबपति उद्योगपति गौतम अदाणी का समूह ऊंची लागत वाले अपने कर्ज को कम करने तथा निर्माणाधीन परियोजनाओं के लिए पूंजी जुटाने के लिए अगले साल तक कम से कम 10 अरब डॉलर कर्ज लेने की संभावना तलाश रहा है। घटनाक्रम के जानकार सूत्रों ने इसकी जानकारी दी।
अदाणी समूह कर्ज जुटाने के लिए विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रहा है। इसके तहत विदेशी मुद्रा में ऋण और हरित बॉन्ड के जरिये 6 अरब डॉलर तक की पूंजी जुटाने की योजना है। खबरों के मुताबिक समूह इस रकम से मौजूदा ऊंची ब्याज दर वाले कर्ज का बोझ कम करना चाहता है। सूत्रों के अनुसार अदाणी समूह कर्ज जुटाने की इस योजना पर चालू तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर)से काम शुरू कर सकता है।
बंदरगाह से लेकर ऊर्जा कारोबार करने वाले अदाणी समूह को पूरा भरोसा है कि वह अपने बड़े परिसंपत्ति आधार के दम पर ऐसे समय में कम लागत पर कर्ज जुटाने में सक्षम होगा जब कर्ज पर ब्याज दरों में इजाफा हो रहा है। समूह नए कर्ज से मौजूदा ऊंची लागत वाले कर्ज की अदायगी करेगा। हालांकि वैश्विक बाजार की परिस्थितियों के हिसाब से पूंजी जुटाने के समय में बदलाव किया जा सकता है। इस बारे में पूछे जाने पर अदाणी एंटरप्राइजेज के प्रवक्ता ने तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की।
मामले के जानकारों ने कहा कि ताजा कर्ज जुटाने की योजना समूह के लिए रणनीतिक इक्विटी निवेशक तलाशने की योजना से इतर है। मीडिया की खबरों के मुताबिक स्वच्छ ऊर्जा और बंदरगाह कारोबार का विस्तार करने के लिए अदाणी और उनका परिवार कम से कम 10 अरब डॉलर की कोष जुटाने के लिए सिंगापुर जीआईसी और टेमासेक होल्डिंग्स के साथ बातचीत कर रहा है। हालांकि अदाणी समूह की ओर से इस बारे में अभी तक कोई सावर्जनिक बयान नहीं आया है।
अदाणी समूह विभिन्न क्षेत्रों में अपने कारोबार का तेजी से विस्तार कर रहा है। हाल ही में उसने 6.5 अरब डॉलर में होल्सिम की भारतीय सीमेंट इकाई एसीसी और अंबुजा सीमेंट का अधिग्रहण किया है। इस सौदे से अदाणी समूह भारत में दूसरा सबसे बड़ा सीमेंट उत्पादक बन गया है। समूह के बढ़ते कर्ज को लेकर भी कई बार चिंता जताई जाती रही है।
अदाणी समूह द्वारा ताजा कर्ज जुटाने की खबर ऐसे समय में आई है जब एक महीना पहले ही फिच समूह की ऋण शोध फर्म क्रेडिटसाइट्स ने अदाणी समूह के कुल कर्ज को लेकर चिंता जताई थी। हालांकि अदाणी समूह लगातार कहता रहा है कि उसका कर्ज सहज स्तर पर है।
अदाणी ग्रीन एनर्जी के डेट पत्रों की भी काफी मांग देखी गई। कंपनी ने सितंबर में 75 अरब डॉलर की प्रतिभूतियां जारी की थीं जिसके लिए 3.5 अरब डॉलर से अधिक के ऑर्डर मिले थे। यह दर्शाता है कि समूह वित्तीय रूप से सुदृढ़ है।