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हवाई सफर हो सकता है महंगा

Last Updated- December 11, 2022 | 6:12 PM IST

स्पाइसजेट के चेयरमैन अजय सिंह ने हवाई किराया बढ़ाने की वकालत की है क्योंकि विमान ईंधन (एटीएफ) की कीमतों में आज करीब 16 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। दिल्ली में एटीएफ की कीमत आज 1,41,232.87 प्रति किलोलीटर पर अपनी सर्वकालिक ऊंचाई पर पहुंच गई।
एटीएफ कीमतों में तेजी के अलावा रुपये में गिरावट से भी विमानन कंपनियों की चिंता बढ़ गई है। ईंधन, रखरखाव, पट्टा किराया, ओवरहॉल लागत आदि विमानन कंपनियों की लागत संबंधी प्रमुख वस्तुओं की कीमत अमेरिकी डॉलर में होती है और रुपये में गिरावट से उनकी लागत काफी बढ़ जाती है।
अजय सिंह ने कहा, ‘विमान ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि और रुपये में गिरावट के कारण घरेलू विमानन कंपनियों के पास तत्काल किराया बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। हमारा मानना है कि परिचालन लागत में स्थिरता लाने के लिए किराये में न्यूनतम 10 से 15 फीसदी की वृद्धि करने की आवश्यकता है।’
सरकार द्वारा निर्धारित किराया मानकों के कारण हवाई किराया पहले से ही अधिक है। इसके तहत 15 दिनों से अधिक के किराये को नियंत्रित किया गया है। विमान ईंधन की लागत आमतौर पर विमानन कंपनी की कुल परिचालन लागत का 40 फीसदी होती है। इस साल की शुरुआत से ही विमान ईंधन की कीमतों में तेजी जारी है और हर पखवाड़े उसमें वृद्धि होती रही है। इस साल जनवरी से अब तक विमान ईंधन की कीमतों में नौ बार वृद्धि हो चुकी है और वह 4,90,17.8 प्रति किलोलीटर (49 रुपये प्रति लीटर) पर करीब 55 फीसदी अधिक महंगी हो चुकी है।
भारतीय रुपया सोमवार को गिरकर सर्वाधिक निचले स्तर पर आ गया, क्योंकि इसने पहली बार डॉलर के मुकाबले 78 के निशान को पार किया।
सिंह ने कहा, ‘भारतीय मुद्रा में यह तेजी टिकाऊ नहीं है और सरकारों को एटीएफ पर कर घटाने के लिए त्वरित कदम उठाने की जरूरत होगी। एटीएफ की कीमतें दुनिया में सर्वाधिक हैं। हमने पिछले कुछ महीनों में इस ईंधन की कीमत वृद्धि का ज्यादातर बोझ कम करने की कोशिश की। इस ईंधन की हमारी कुल परिचालन लागत में 50 प्रतिशत से ज्यादा की भागीदारी होती है।’
 

First Published - June 17, 2022 | 12:38 AM IST

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