घड़ी निर्माता कंपनी अजंता लिमिटेड (एएल) 1.5 करोड़ टन प्रति वर्ष क्षमता वाला सीमेंट संयंत्र लगाने की योजना बना रही है।
मोरबी की इस कंपनी की योजना 1 हजार करोड़ रुपये का चरणबध्द तरीके से निवेश कर कच्छ में संयंत्र लगाने की है। उम्मीद है कि यह संयंत्र 2010 तक शुरू हो जाएगा। अजंता ने चूना उत्खनन क्षेत्र के लिए आवेदन कर दिया है।
संयंत्र की शुरुआत में इसकी क्षमता 30 लाख टन सालाना होगी, जिसे धीरे-धीरे 1.5 करोड़ टन सालाना तक बढ़ाया जाएगा। कंपनी ने कच्छ में सीमेंट परियोजना के लिए जमीन की तलाश शुरू कर ली है। कंपनी इस परियोजना के लिए वित्त जुटाने के इरादे से पहली बार पूंजी बाजार में उतरेगी और आईपीओ जारी करेगी।
आईपीओ के जरिये 300 से 600 करोड़ रुपये उगाहने की कंपनी की योजना है। परियोजना के लिए बची हुई राशि को आंतरिक स्रोतों और ऋण के माध्यम से पूरा किया जाएगा। इस बात की पुष्टि करते हुए कंपनी के महाप्रबंधक धर्मेंद्र पटेल का कहना है, ‘जैसा हमारे समूह का बड़े पैमाने की लागत में विश्वास है, हम बड़े स्तर पर सीमेंट उत्पादन में प्रवेश करना चाहते हैं।
देश निर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में दिखाई दे रही शानदार वृध्दि और अधिक मार्जिन के साथ समूह कच्छ में सीमेंट संयंत्र लगाने को बेचैन हैं और अब हम इसका आकार तय करने से पहले उत्खनन क्षेत्र के आवंटित होने का इंतजार कर रहे हैं।’
उन्होंने कहा, ‘सभी विवरणों को अंतिम रूप देने के लिए हम राज्य सरकार की नई उत्खनन नीति की घोषणा होने का इंतजार कर रहे हैं। हमने कच्छ में शिनापट, लाखपट और अबदासा में उत्खनन लाइसेंस के लिए आवेदन कर दिया है।’
घड़ियों के उत्पादन की शुरुआत के बाद कंपनी ने सीरामिक, सीएफएल, ई-बाइक्स और स्नैक्सफूड के कारोबार में भी कदम रखा। वित्त वर्ष 2007-08 के लिए कंपनी की कुल बिक्री 200 से 225 करोड़ रुपये रही और 2008-09 के लिए कंपनी को लगभग 300 करोड़ रुपये की कुल बिक्री हो जाने की उम्मीद है।