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अदानी-आशापुर का गठबंधन

Last Updated- December 07, 2022 | 7:00 PM IST

अदानी समूह ने मल्टी-मिनरल सॉल्युशंस मुहैया कराने वाली आशापुर माइनकेम के साथ गुजरात के मुंद्रा में एक 10,000 करोड़ रुपये वाली एल्युमीनियम रिफायनरी लगाने के लिए गठबंधन किया है।


अदानी समूह के चेयरमैन गौतम अदानी ने कहा कि कंपनी आशापुर समूह के साथ 50:50 संयुक्त उपक्रम के लिए बातचीत कर रही है। इस परियोजना के लिए 1,000 मेगावाट बिजली की जरूरत पड़ सकती है, जो अदानी समूह की मुंड्रा बिजली परियोजना से ली जाएगी।

यह रिफायनरी सालाना 10 लाख टन एलुमिना और 5 लाख टन एल्युमीनियम का उत्पादन करेगी। एलुमिना निकलाने वाली इकाई लगभग 3,500 करोड़ रुपये की लागत के साथ पहले चरण में लगाई जाएगी। धातु को गला कर उसे साफ करने वाली इकाई बाद में लगाई जाएगी, जिसके साथ इस परियोजना की कुल लागत 10,000 करोड़ रुपये हो जाएगी।

आशापुर पिछले पांच वर्षों से एलुमिना रिफायनरी लगाने की योजना बना रही थी, लेकिन परियोजना कानूनी अड़चनों में फंसी हुई थी। इससे पहले आशापुर की चीन के छिंगथंगशिया एल्युमीनियम समूह के साथ 50:50 संयुक्त उपक्रम के लिए बातचीत चल रही थी। इससे जुड़े कुछ सूत्रों के अनुसार हालांकि कंपनी ने इस परियोजना से अपना हाथ खींच लिया।

इस रिफायनरी में इस्तेमाल होने वाला मुख्य कच्चा माल बॉक्साइट होगा और आशापुर की गुजरात में बॉक्साइट की खानें हैं और वह अधिक खानें खरीदने वाली है। इससी के साथ कंपनी पिछले साल सरकारी कंपनी गुजरात खनिज विकास निगम (जीएमडीसी) के साथ सालाना 20 लाख टन से लेकर 25 लाख टन बॉक्साइट की आपूर्ति के लिए करार कर चुकी है।

आशापुर जीएमडीसी से लंदन मेटल एक्सचेंज कीमत पर बॉक्साइट खरीदने को तैयार हो गई है। जीएमडीसी के पास परियोजना में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी का विकल्प भी है। गुजरात में लगभग 800 करोड़ टन बॉक्साइट मौजूद है, जो 30 वर्षों तक रिफायनरी को चलाने के लिए काफी है।

First Published - August 27, 2008 | 11:15 PM IST

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