अंबानी बंधुओं के बीच चल रहे विवाद का निपटारा करने के लिए बंबई उच्च न्यायालय ने अंबानी बंधुओं से पूछा है कि क्या वे रिलायंस ग्रुप के बंटवारे से पहले दोनों भाइयों के बीच हुए पारिवारिक सहमति पत्र को अदालत में पेश कर सकते हैं।
अदालत मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) और अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले आरएनआरएल के बीच हुए गैस आपूर्ति के समझौते से संबंधित मामले की सुनवाई कर रही है। आरएनआरएल के वकील राम जेठमलानी ने कहा कि कंपनी प्रस्तावित गैस आपूर्ति से जुड़े सहमति पत्र के हिस्से को न्यायालय में पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
आरएनआरएल की दलील है कि सहमति पत्र की शर्तें दोनों पक्षों के लिए लागू होती हैं। जबकि आरआईएल इस दस्तावेज को न्यायालय में पेश करने का विरोध कर रही है। रिलायंस समूह के बंटवारे से पहले सहमति पत्र पर दोनों भाइयों और उनकी मां कोकिलाबेन ने हस्ताक्षर किए थे। इसके बाद ही दोनों भाइयों ने अपना अपना ग्रुप बनाया था।
आज की बहस के दौरान जे एन पटेल और के के तातेड़ की खंडपीठ ने कहा, ‘सहमति पत्र का एक हिस्सा अदालत में पेश किया जा सकता है।’ हालांकि अदालत ने इस पत्र को पेश करने के लिए समय सीमा तय नहीं की है। उन्होंने कहा, ‘यदि बहस के दौरान हमें लगा कि सहमति पत्र को अदालत में पेश करना जरूरी है तो हम इसे पेश करने का निर्देश जरूर देंगे।’