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भूमि अधिग्रहण कानून में बदलाव चाहते हैं बजाज

Last Updated- December 07, 2022 | 7:49 PM IST

पश्चिम बंगाल के सिंगुर में टाटा मोटर्स की नैनो परियोजना पर काम बंद होने के बाद देश की सभी बड़ी कंपनियों ने टाटा का समर्थन करते हुए सरकार को जल्द-जल्द इस मसले को सुलझाने की बात कही है।


इसी कड़ी में जुड़ते हुए आज बजाज इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष राहुल बजाज ने कहा कि सरकार को सिंगुर जैसे विवादास्पद मुद्दों से निपटने के लिए भारत में पेचीदे भूमि अधिग्रहण कानून में बदलाव करने की जरूरत है।

बजाज ने 48वें सियाम वार्षिक सम्मेलन 2008 के मौके पर संवाददाताओं से कहा, ‘भारत का भूमि अधिग्रहण कानून ब्रिटिश राज में बने कानूनों पर आधारित है और इसने औद्योगिकरण के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान कई विवादों को जन्म दिया है फिर चाहे मामला सिंगुर का हो या फिर उड़ीसा में पोस्को के लिए हुआ भूमि अधिग्रहण सौदा हो।’

उन्होंने कहा, ‘इसलिए सरकार को भूमि अधिग्रहण कानून को समय के मुताबिक बदलने के लिए पहल करनी चाहिए।’ सिंगुर विवाद के बारे में पूछने पर बजाज ने कहा, ‘मुझे लगता है कि नैनो कार की उत्पादन की समयसीमा अक्तूबर के पार नहीं जाएगी। टाटा समूह के पास पुणे और उत्तराखंड के किसी स्थान पर अपने संयंत्र से कार बनाने का विकल्प मौजूद है।’

उन्होंने कहा कि जब तक भारतीय रिजर्व बैंक मौजूदा सख्त मौद्रिक नीति में ढील नहीं देता, कंपनी के दोपहिया वाहनों की बिक्री की वृध्दि दर दहाई आंकड़े तक नहीं पहुंच पाएगी। प्रमुख उद्योगपति ने कहा कि दोपहिया वाहन विनिर्माता आंतरिक और बाह्य तौर पर बाजार को बनाए रखने में सक्षम हैं, लेकिन उन्हें सरकार की मदद की जरूरत है।

बजाज ने कहा, ‘मुझे लगता की मुद्रास्फीति का आंकड़ा कम हो रहा है और यह मार्च 2009 तक पांच-छह प्रतिशत के निचले स्तर तक चला आएगा। और एक बार ऐसा होने पर इस बात में कोई शक नहीं कि भारतीय रिजर्व बैंक अपनी मौद्रिक नीति में ढील देगा और हमें बाजार में तेजी देखने को मिलेगी।’

First Published - September 4, 2008 | 11:06 PM IST

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