ऑनलाइन ब्यूटी रिटेलर पर्पल डॉटकॉम ने दक्षिण कोरियाई निवेशक पैरामार्क वेंचर्स से फंडिंग राउंड में 3.3 करोड़ डॉलर की राशि जुटाई है। मौजूदा निवेशकों प्रेमजी इन्वेस्ट (विप्रो के अरबपति अजीम प्रेमजी की निवेश इकाई), ब्लम वेंचर्स, और केदारा ने भी हिस्सा लिया।
नए निवेश के साथ ही मुंबई की कंपनी पर्पल अब 1.1 अरब डॉलर के मूल्यांकन के साथ यूनिकॉर्न की श्रेणी में शामिल हो गई है। एडटेक फर्म फिजिक्स वाला के बाद इस सप्ताह यूनिकॉर्न क्लब की श्रेणी में शामिल होने वाला दूसरी भारतीय स्टार्टअप है। भारत में अब 100 से ज्यादा यूनिकॉर्न हैं। ये कंपनियां घटते मूल्यांकन, सुस्त फंडिंग राउंड और कमजोर निवेशक धारणा के बीच यूनिकॉर्न बनी हैं जिससे कई स्टार्टअप को नकदी संरक्षित करने के प्रयास में कर्मचारियों की छंटनी करनी पड़ी है।
इस नए निवेश के साथ ही पर्पल के लिए कुल फंडिंग 21.5 करोड़ डॉलर पर पहुंच गई है। कंपनी के निवेशकों में सिकोइया कैपिटल और गोल्डमैन सैक्स भी शामिल हैं।
पर्पल डॉटकॉम को शुरू में 2021 में 14 करोड़ डॉलर की सीरीज डी फंडिंग के चार निवेश मिल चुके हैं। इन निवेश से पर्पल को पारंपरिक कंपनियों और नायिका, माईग्लैम, मिंत्रा और शुगर कॉस्मेटिक्स जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों के साथ प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिलने की संभावना है।
पर्पल के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्याधिकारी मनीष तनेजा ने कहा, ‘हम नए निवेशक पैरामार्क वेंचर्स का स्वागत करते हैं और पूरे देश में उनके साथ आपसी तालमेल की संभावनाएं तलाशने की उम्मीद करते हैं। यह निवेश तकनीकी निवेश के साथ भारत में सौंदर्य उद्योग खड़ा करने, हमारे निजी ब्रांडों का दायरा बढ़ाने के हमारे मिशन को मजबूती प्रदान करने का एक अवसर है।’
हाल के वर्षों में कंपनी ने मासिक आधार पर 70 लाख सक्रिय उपयोगकर्ताओं, 1,00 से ज्यादा ब्रांडों, 60,000 उत्पादों, 5 निजी डीटीसी (डायरेक्ट टु कंज्यूमर) ब्रांडों का इजाफा किया है। मजबूत वृद्धि की राह के साथ, पर्पल की सालाना जीएमवी (सकल व्यावसायिक वैल्यू) वित्त वर्ष 2022 में बढ़कर 18 करोड़ डॉलर हो गई। कंपनी ने कहा है कि उसने यह लक्ष्य हरेक भारतीय के लिए चलन वाले सौंदर्य उत्पाद सुलभ बनाकर हासिल किया।