भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड की भोपाल इकाई जल्द ही परमाणु ऊर्जा उपकरण बनाने के मामले में देश भर का केंद्र बनने जा रही है।
केंद्रीय बिजली, वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जयराम रमेश के मुताबिक चीन से इस मामले में मिल रहे मुकाबले में यह इकाई इक्कीस साबित होगी। रमेश ने बताया कि जल्द ही यहां 765 किलो वोल्ट और उससे ज्यादा क्षमता वाले हाई वोल्टेज डायरेक्ट लाइन ट्रांसफॉर्मरों का निर्माण शुरू हो जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘बीएचईएल में पहले ही 235 मेगावाट क्षमता वाले परमाणु टरबाइन बनाए जा रहे हैं। इन्हें कालपक्कम, काकरापार और नरौरा बिजली संयंत्र में लगाया जा चुका है। अब हमारा निशाना 1000 मेगावाट और 6000 मेगावाट के टरबाइन पर है। इसके लिए फ्रांस और रूस की कंपनियों से बातचीत की जा रही है।’
राज्य सरकार ने बीएचईएल की इस इकाई के परिसर में खाली पड़ी 2000 एकड़ जमीन की मांग की थी। लेकिन परमाणु टरबाइन इकाई के विस्तार में इस जमीन का इस्तेमाल हो जाएगा।