सिंगुर मसले पर 15 दिनों से चल रहे गतिरोध के खत्म होने और ममता बनर्जी की ओर से आंदोलन वापस लेने के बाद टाटा मोटर्स ने कहा कि वह सिंगुर के अपनी नैनो कार संयंत्र में अभी काम शुरू नहीं करेगी।
कंपनी का कहना है कि नैनो परियोजना के खिलाफ चल रहे विरोध को खत्म करने के लिए सरकार और विपक्षी दलों के बीच हुई वार्ता के परिणाम में स्पष्टता नहीं है। उन्होंने राज्य सरकार से समझौते का ब्यौरा भी मांगा है।
कंपनी ने अपने एक बयान में कहा कि टाटा मोटर्स लिमिटेड पश्चिम बंगाल सरकार और सिंगुर में प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता के परिणाम से संबंधित सीमित स्पष्टता से दुखी है। यही वजह है कि टाटा मोटर्स नैनो संयंत्र में निर्माण और काम फिलहाल स्थगित रखेगी।
दरअसल, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल गोपालकृष्ण गांधी की मध्यस्थता में हुई वार्ता के अंत में जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि सरकार उन किसानों की मांग पर अमल करेगी, जिन्होंने मुआवजा नहीं लिया है।
बयान के मुताबिक, टाटा मोटर्स के वेंडरों से कहा गया है कि इस बीच वे संबंधित इकाइयों में निर्माण कार्य न करें। यही वजह है कि टाटा मोटर्स की ओर से कहा गया कि कंपनी अपनी स्थिति में तभी बदलाव लाएगी, जब वह आश्वस्त हो जाएगी कि परियोजना का काम बाधित नहीं होगा और मुख्य संयंत्र की एकीकृत प्रकृति और कल-पुर्जा इकाइयां बरकरार रखी जाएंगी।
ममता ने कहा-धरना सिर्फ स्थगित
तृणमूल कांग्रेस नेता ममता बनर्जी ने कहा कि हमने धरना वापस नहीं लिया है, इसे सिर्फ स्थगित किया है। अगर समझौते के अनुसार मांगें नहीं मानी जाती हैं, तो हम धरना फिर शुरू करेंगे। उन्होंने राज्य सरकार के साथ हुए समझौते को किसानों की जीत बताया।
क्या हुआ समझौता?
राज्यपाल गोपालकृष्ण गांधी की अध्यक्षता में हुई तृणमूल कांग्रेस नेता ममता बनर्जी और मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य की बैठक में सिंगुर विवाद को खत्म करने पर बनी सहमति। इसके तहत जो किसान जमीन देने को तैयार नहीं हैं, उन्हें परियोजना क्षेत्र और आस-पास के इलाकों में जमीन देने की घोषणा की गई।
किसानों को कितनी जमीन, किन इलाकों में दी जाएगी, इसके लिए एक हफ्ते के अंदर संयुक्त समिति गठित की जाएगी। जब तक संयुक्त समिति अपना काम नहीं कर लेती, प्लांट में काम नहीं होगा।
संयंत्र में काम-काज ठप
सिंगुर में धरना-प्रदर्शन और हिंसा से आहत टाटा मोटर्स के चेयरमैन रतन टाटा ने ममला सुलझने तक संयंत्र में काम बंद कर दिया था, जो अब तक शुरू नहीं हो पाया है। साथ ही टाटा ने घोषणा की कि अगर मसला नहीं सुलझा, तो वे नैनो संयंत्र को सिंगुर से हटा कर कहीं और ले जा सकते हैं।
मामला क्या था?
सिंगुर में टाटा मोटर्स की लखटकिया कार नैनो संयंत्र के लिए सरकार ने किसानों से करीब 900 एकड़ जमीन अधिग्रहण किया था। हालांकि ममता बनर्जी का कहना था कि इसमें से 400 एकड़ जमीन किसानों को वापस कर दी जाए, क्योंकि वे किसान अपनी जमीन देने को राजी नहीं हैं।