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माल गोदामों में रखे सामान पर देय शुल्क का मामला

Last Updated- December 07, 2022 | 7:06 PM IST

सवाल: हम उन थोक निर्यातकों से सामान खरीद रहे हैं जो सामान को अनुबद्ध माल गोदाम में रखते हैं और उनका मालिकाना हक हमें स्थानांतरित करते हैं।


हम इन सामान पर देय शुल्क दर के बारे में जानना चाहते हैं। फिलहाल सीमा शुल्क अधिकारी उस कीमत पर शुल्क वसूल रहे हैं जो हम आयातकों को चुकाते हैं।

जवाब: कस्टम्स एक्ट, 1962 की धारा 15 (1)(2) के अनुसार  किसी गोदाम से धारा 68 के तहत सामान की निकासी के मामले में शुल्क की दर वह तारीख होती है जिस पर ऐसे सामान की घरेलू खपत के लिए बिल की एंट्री उस धारा के अंतर्गत प्रस्तुत की जाती है।

हालांकि केशोराम रेयॉन 1996 (86) ईएलटी 464 (एस.सी.) के मामले में सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक सामान, गोदाम से अनुमति की खास अवधि के अंदर सामान नहीं हटाए जाने पर उन्हें भंडार गृह से हटाए गए सामान की भांति समझा जाएगा। यह स्थिति उस वक्त आती है जब गोदाम में सामान अनुमति की खास अवधि या विस्तारित अवधि के बाद भी मौजूद रहता है।

ऐसी स्थिति में सामान के आयातक को इस पर सीमा शुल्क चुकाने को कहा जा सकता है और यह गोदाम से डीम्ड रिमूवल की तारीख से लागू होगा। डीम्ड रिमूवल की तारीख का मतलब है अनुमति की खास अवधि या इस अवधि के विस्तार के समापन की तारीख।

गोदाम के लिए अनुमति की खास अवधि के अंदर घरेलू खपत के लिए सामानों की मांग को मंजूरी दिए जाने के मामले में शुल्क दर निर्धारण की तिथि एंट्री के एक्स-बॉन्ड बिल की फाइलिंग की तारीख से लागू होगी। अन्यथा प्रासंगिक तारीख परमिटिड बॉन्डिंग अवधि की समाप्ति की तारीख होगी।

मूल्य निर्धारण के मामले में यदि सामान कस्टम्स एक्ट, 1962 की धारा 14 (2) के तहत शुल्क मूल्यांकन के अधीन हैं तो मूल्य निर्धारण के लिए वही तारीख होगी जैसा कि एक बॉन्डेड गोदाम से सामान की निकासी के मामले में शुल्क दर के निर्धारण के लिए होती है। अन्य सामान के मामले में आयात के समय निर्धारित की गई राशि यानी भंडारण के लिए बिल में दर्ज की गई राशि वह राशि है जिस पर गोदाम से निकासी के समय शुल्क चुकाना होगा।

केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड द्वारा जारी मैनुअल ऑफ सप्लीमेंटरी इंस्ट्रक्शंस में ‘चैप्टर ऑन वेयरहाउसिंग’ के पैरा 15 में कहा गया है कि गोदाम में जमा किए गए सामान के आकलन शुल्क के लिए वैल्यू अब तक चिंताजनक रही है। बॉन्डेड वेयरहाउस पर स्वामित्व हस्तांतरण को लेकर शुल्क चुकाए जाने की जरूरत नहीं है। आप आयातकों से इन-बॉन्ड बिल पर मूल्य और उस राशि पर एक्स-बॉन्ड बिल सुनिश्चित कर सकते हैं।

First Published - August 31, 2008 | 10:41 PM IST

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