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CBI ने NCCF के पूर्व अध्यक्ष व अदाणी एंटरप्राइजेज के खिलाफ क्लोज़र रिपोर्ट दायर की

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अधिकारियों ने बताया कि विशेष अदालत इस बात पर फैसला करेगी कि क्लोज़र रिपोर्ट को स्वीकार किया जाए या मामले को आगे की जांच के लिए CBI को वापस भेजा जाए।

Last Updated- August 21, 2023 | 5:29 PM IST
CBI

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने आयातित कोयले की आंध्र प्रदेश विद्युत उत्पादन निगम को आपूर्ति करने के लिए ठेका देने में कथित अनियमितता को लेकर अदाणी एंटरप्राइजेज और राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (NCCF) के पूर्व अध्यक्ष के खिलाफ अपना मामला बंद कर दिया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

क्लोज़र रिपोर्ट पर विशेष अदालत लेगी फैसला

केंद्रीय एजेंसी ने विशेष CBI अदालत में क्लोज़र रिपोर्ट दायर की है। यह मामला 2020 में दर्ज किया गया था। इसमें NCCF के तत्कालीन प्रबंध निदेशक जी.पी गुप्ता और वरिष्ठ सलाहकार एस.सी सिंघल को भी आरोपी बनाया गया था। अधिकारियों ने बताया कि विशेष अदालत इस बात पर फैसला करेगी कि क्लोज़र रिपोर्ट को स्वीकार किया जाए या मामले को आगे की जांच के लिए CBI को वापस भेजा जाए या उपलब्ध सामग्री के आधार पर मामले की सुनवाई की जाए।

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कौर ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी

CBI ने केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और जन वितरण मंत्रालय की तत्कालीन उप सचिव प्रेमराज कौर की शिकायत पर तीन साल तक शुरुआती जांच करने के बाद 2020 में अदाणी एंटरप्राइजेज, NCCF के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था। CBI ने अदालत को बताया कि कौर ने सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी। अदालत ने सेवानिवृत्त अधिकारी और मौजूदा उपसचिव को सुनवाई की अगली तारीख को अदालत में पेश रहने के लिए नोटिस जारी किया है।

आयातित कोयले की आपूर्ति में अनियमितता बरतने का आरोप

जांच के निष्कर्षों के आधार पर CBI ने आंध्र प्रदेश में विद्युत स्टेशनों को कोयले की आपूर्ति के लिए कंपनी का चयन करने में अनियमितता बरतने के आरोप में अदाणी एंटरप्राइजेज और NCCF के पूर्व अध्यक्ष के खिलाफ धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था। CBI की FIR में कहा गया है कि आंध्र प्रदेश विद्युत उत्पादन निगम (एपीजीईएनसीओ) ने विजयवाड़ा में नारला टाटा राव ताप विद्युत संयंत्र और कडप्पा में रायलसीमा ताप विद्युत संयंत्र को बंदरगाह के रास्ते से आयातित छह लाख मीट्रिक टन (एमटी) कोयले की आपूर्ति करने के लिए 29 जून 2010 को निविदा जारी की थी।

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अदाणी एंटरप्राइजेज को अनुचित लाभ के लिए हुई वार्ता

एजेंसी ने आरोप लगाया था कि NCCF के वरिष्ठ अधिकारियों ने अदाणी एंटरप्राइजेज को अनुचित लाभ देने के लिए उसके साथ निविदा वार्ता की, भले ही कंपनी इसके योग्य नहीं थी। CBI ने अहमदाबाद स्थित कंपनी को लाभ पहुंचाने और निविदा प्रक्रिया में दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने के आरोप में कंपनी और अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक साज़िश और धोखाधड़ी के साथ-साथ भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के तहत मामला दर्ज किया था।

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First Published - August 21, 2023 | 5:29 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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