facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

सीसीआई को व्हाट्सऐप की जांच करने की अनुमति

Last Updated- December 11, 2022 | 1:43 PM IST

मेटा (पूर्व नाम फेसबुक) और व्हाट्सऐप को सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने भारतीय प्रतिस्पर्द्धा आयोग (सीसीआई) को मेसेजिंग प्लेटफॉर्म की 2021 की अपडेट गोपनीयता नीति की जांच करने की आज अनुमति दे दी। 

 अदालत के इस फैसले के बाद प्रतिस्पर्द्धा नियामक व्हाट्सऐप के खिलाफ मार्च 2021 में शुरू की गई जांच पर आगे बढ़ सकेगा। नियामक व्हाट्सऐप के खिलाफ एकाधिकार के दुरुपयोग की जांच कर रहा था। सीसीआई व्हाट्सऐप की डेटा-साझा करने की नीति को उत्पीड़न की तरह मानता है और इसका बहिष्करण प्रभाव हो सकता है।

सह अंतरिम आदेश दिल्ली उच्च न्यायालय के 25 अगस्त के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर आया है। शीर्ष अदालत ने व्हाट्सऐप और उसकी प्रवर्तक कंपनी मेटा की याचिका को खारिज कर दिया। इस याचिका में सीसीआई क जांच रोकने की मांग की गई थी।

 न्यायामूर्ति एमआर शाह और सुधांशु धूलिया के पीठ ने अपने आदेश में कहा कि सीसीआई स्वतंत्र निकाय है और वह प्रतिस्पर्द्धा कानून, 2022 के उल्लंघन के किसी भी मामले की जांच कर सकता है। अदालत ने कहा कि इस मामले में प्रतिस्पर्द्धा कानून के प्रावधानों का उल्लंघन हुआ है, ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि सीसीआई द्वारा शुरू की गई जांच उसके अधिकार क्षेत्र के दायरे में नहीं आती है। पीठ ने यह भी कहा कि सीसीआई की जांच शीघ्रता से पूरी की जानी चाहिए। 

मेटा की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि संविधान पीठ एक याचिका पर सुनवाई कर रही है जिसमें गोपनीयता नीति की वैधता पर जनवरी 2023 में फैसला आ सकता है। इसके साथ ही संसद के शीत सत्र में नया डेटा सुरक्षा विधेयक भी पेश किया जा सकता है। उन्होंने तर्क दिया कि इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए सीसीआई को इस मामले में अंतिम आदेश जारी नहीं करना चाहिए।
पीठ ने कहा, ‘जांच होने दीजिए। अंतिम आदेश जो भी हो, उसे हमें सीसीआई पर छोड़ देना चाहिए।’ इस बीच अंतिरिक्त सोलिसिटर जनरल एन वेंकटरामन ने सीसीआई का पक्ष रखते हुए कहा कि नियामक केवल सोशल मीडिया दिग्गज के एकाधिकार के दुरुपयोग की जांच कर रहा है न कि गोपनीयता नीति से संबंधित संवैधानिक मसले की। अंनत लॉ में पार्टनर राहुल गोयल ने कहा, ‘सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का कंपनी पर तत्काल कोई असर नहीं पड़ेगा क्योंकि यह मामला सीसीआई के महानिदेशक के समक्ष पहले से ही जांच के दायरे में है। हालांकि व्हाट्सऐप को जांच में शामिल होना होगा और गोपनीयता नीति का औचित्य बताना होगा।’  आज के फैसले पर पक्ष जानने के लिए मेटा और व्हाट्सऐप को ईमेल किया गया लेकिन जवाब नहीं आया।

 

First Published - October 14, 2022 | 9:34 PM IST

संबंधित पोस्ट