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सीसीआई के फैसले से बढ़ सकता है सुरक्षा जोखिम

Last Updated- December 11, 2022 | 1:23 PM IST

तकनीकी दिग्गज कंपनी गूगल ने आज कहा कि भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के इसपर आदेश से भारतीय लोगों पर सुरक्षा जोखिम और बढ़ जाएगा और मोबाइल की कीमत में भी बढ़ोतरी आएगी। आयोग ने मूल उपकरण निर्माताओं (ओईएम) के साथ कुछ समझौतों से संबंधित अपने नियमों को संशोधित करने का आदेश दिया है। 
आयोग ने गुरुवार को ऐंड्रॉयड मोबाइल डिवाइस में कई बाजारों में अपनी प्रमुख स्थिति का कथित रूप से दुरुपयोग करने और प्रतिस्पर्धा अधिनियम की धारा 4 का उल्लंघन करने के लिए गूगल पर 1,337.76 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। 
आयोग ने गूगल के खिलाफ आदेश जारी कर उसे अनुचित व्यावसायिक कार्यों से दूर रहने के लिए कहा, और इसे एक निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने नियम और शर्तों को संशोधित करने का निर्देश दिया।
गूगल के एक प्रवक्ता ने कहा कि ऐंड्रॉयड ने सभी के लिए अधिक विकल्प बनाए हैं, और इसका भारत और दुनिया भर में हजारों सफल व्यवसाय चल रहा है। सीसीआई का निर्णय भारतीय उपभोक्ताओं और व्यवसायों के लिए एक बड़ा झटका हैं। जो ऐंड्रॉयड की सुरक्षा सुविधाओं पर भरोसा करते हैं, उनके लिए यह गंभीर सुरक्षा जोखिम है। इससे भारतीयों के लिए मोबाइल उपकरणों की लागत भी बढ़ेगी। 
गूगल के खिलाफ आरोप ऐंड्रॉयड ओएस के ओईएम के बीच गूगल के साथ दो समझौतों पर आधारित थे,जो मोबाइल ऐप्लिकेशन डिस्ट्रीब्यूशन एग्रीमेंट और एंटी फ्रैगमेंटेशन एग्रीमेंट हैं। 
प्रतिस्पर्धा नियामक ने कहा कि तकनीकी दिग्गज ने एमएडीए के तहत संपूर्ण गूगल मोबाइल सूट की अनिवार्य प्री-इंस्टॉलेशन के कारण प्रतिस्पर्धा कानून का उल्लंघन किया है। इसने यह भी बताया कि इसे अनइंस्टॉल करने का कोई विकल्प नहीं था, जो डिवाइस निर्माताओं पर अनुचित रूप से थोपने के बराबर है।
गूगल मोबाइल सेवा गूगल ऐप्लिकेशन एपीआई का एक संग्रह है जो सभी डिवाइसों में कार्यक्षमता का सपोर्ट करने में सहायता करती है। जीएमएस में गूगल की प्रमुख सुविधाएं जैसे गूगल सर्च, गूगल क्रोम, यूट्यूब, प्ले स्टोर, गूगल मैप और अन्य इसके उत्पाद शामिल हैं।

First Published - October 21, 2022 | 10:36 PM IST

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