महंगाई के दबाव के बावजूद देश में इनरवेयर बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी पेज इंडस्ट्रीज ने जून 2022 में समाप्त पहली तिमाही में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया। उच्च वॉल्यूम और परिचालन लाभ ने अमेरिका की जॉकी की भारत व सहायक देशों की एक्सक्लूसिव लाइसेंसधारक पेज इंडस्ट्रीज को सबसे ज्यादा तिमाही राजस्व व शुद्ध लाभ अर्जित करने में मदद की।
नतीजे और मजबूत परिदृश्य पर प्रतिक्रिया जताते हुए कंपनी का शेयर शुक्रवार को अब तक के सर्वोच्च स्तर को छू गया, हालांकि अंत में यह मामूली बढ़त के साथ 49,192 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ। पहली तिमाही में हर मोर्चे पर मजबूत प्रदर्शन की अगुआई राजस्व में 167 फीसदी की बढ़ोतरी ने की और कुल राजस्व 1,341 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। कीमत बढ़ोतरी व वितरण नेटवर्क के दम पर बढ़ोतरी भी क्रमिक आधार पर 21 फीसदी रही।
इनरवेयर व अन्य वस्त्रों की भारतीय विनिर्माता व रिटेलर ने मौजे आदि की कीमतें तिमाही में 3-4 फीसदी बढ़ाई, लेकिन कुल रफ्तार को वॉल्यूम में 150 फीसदी की उछाल से सहारा मिला, जिसकी वजह विभिन्न श्रेणियों में रही मजबूत मांग है। इसके अलावा विभिन्न इलाकों में विस्तार और सामान्य परिचालन का भी इसमें योगदान रहा। क्रमिक आधार पर इसमें 26 फीसदी की उछाल आई।
मोतीलाल ओसवाल रिसर्च के अनुमान में कहा गया है, बिक्री की मजबूत रफ्तार और पिछली तीन तिमाहियों में राजस्व 1,100 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया, जिसके चलते प्रति शेयर आय में इजाफा हुआ। ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 23 और 2023-24 के लिए अपना अनुमान 7.5-7.5 फीसदी बढ़ाया है जबकि कच्चे माल की उच्च लागत के कारण कंपनी के सामने अल्पावधि की चुनौतियां हैं।
तिमाही में सकल मार्जिन सालाना आधार पर 322 आधार अंक फिसलकर 54.5 फीसदी रह गया और क्रमिक आधार पर यह 490 आधार अंक नीचे आया, जिसकी वजह कच्चे माल की बढ़ी लागत थी। नरम आधार के कारण परिचालन लाभ क्रमिक आधार पर नौ गुना बढ़कर 298 करोड़ रुपये रहा। क्रमिक आधार पर इसमें 11.5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
बिक्री के प्रतिशत के तौर पर कर्मचारियों की कम लागत और अन्य खर्च से परिचालन लाभ मार्जिन सालाना आधार पर 15 फीसदी बढ़ाकर 22.2 फीसदी पर ले जाने में मदद मिली।
कीमत बढ़ोतरी से हालांकि कंपनी को अपना मार्जिन बरकरार रखने में मदद मिली। कपास, ईंधन और बिजली की लागत हालांकि बढ़ी है, लेकिन उसे उम्मीद है कि कटाई के सीजन के कारण अक्टूबर-नवंबर में कपास की कीमतें नीचे आ जाएंगी। कंपनी को उम्मीद है कि वह 20-22 फीसदी के दायरे में मार्जिन बनाए रखेगी, जो उसकी लंबी अवधि का औसत है।
इलारा कैपिटल की प्रेरणा झुनझुनवाला को उम्मीद है कि अल्पावधि में परिचालन लाभ मार्जिन 21 फीसदी के आसपास बना रहेगा, जिसकी वजह पर्याप्त इन्वेंट्री है। ये चीजें कच्चे माल की महंगाई को लेकर जोखिम को कम करेंगी और आक्रामक विस्तार रणनीति से परिचालन लिवरेज का लाभ मिलता रहेगा।
कंपनी ने तिमाही के दौरान 3,000 मल्टी ब्रांड आउटलेट जोड़े और इसकी संख्या अभी पिछले साल के स्तर से 42 फीसदी ज्यादा और 2019-20 के स्तर का 1.7 गुना है। कुल आउटलेट 1.13 लाख हैं। इसके अलावा कंपनी ने एक्सक्लूसिव ब्रांडेड आउटलेट का विस्तार कर उसकी संख्या 1,144 पर पहुंचा दी, जो वित्त वर्ष 20 के स्तर का 1.5 गुना है।
कंपनी लगातार विमिंसवेयर, किड्सवेयर आदि पर ध्यान बनाए हुए है, जहां बढ़त की रफ्तार कोविड बाद के परिदृश्य में भी प्रभावित नहीं हुई है। कंपनी श्रमिकों के शिफ्ट में बढ़ोतरी कर अपनी क्षमता 1.4 गुना करने में सक्षम है और वित्त वर्ष 23 के लिए कंपनी ने पूंजीगत खर्च की अहम योजना भी बनाई है।