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कोल इंडिया का जोर उत्पादन बढ़ाने पर

Last Updated- December 11, 2022 | 6:45 PM IST

कोयला खनन करने वाली सरकारी कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड ने चालू वित्त वर्ष के दौरान अपने उत्पादन में 12 फीसदी की वृद्धि हासिल करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। बिजली क्षेत्र से लगातार बढ़ रही मांग को पूरा करने के लिए कंपनी अपनी नई खदानों का परिचालन भी शुरू कर रही है।
कंपनी ने कहा कि उसे 20 प्रस्तावों के लिए पर्यावरण मंजूरियां मिल गई हैं जिनसे उत्पादन क्षमता में सालाना 2.2 करोड़ टन की वृद्धि होगी। इसके अलावा कोल इंडिया की ओर से 36 खनन परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है जिनकी कुल आवंटित क्षमता 33.3 करोड़ टन की है और वृद्धिशील क्षमता 22 करोड़ टन है।
कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि इन नई परियोजनाओं से भविष्य के उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। मार्च के बाद से ही देश गर्मी की लहर से जूझ रहा है और ऐसे में बिजली की मांग रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई है। इससे कोयले की मांग और आपूर्ति में अंतर पैदा हो गया है। कोल इंडिया इस संकट को भुनाने के लिए महत्त्वपूर्ण भूमिका में है।
हालांकि कंपनी ने दावा किया है कि उसने अप्रैल में कोयले का रिकॉर्ड उत्पादन किया। सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि कोल इंडिया ने अप्रैल 2022 में 5.347 करोड़ टन कोयले का उत्पादन किया जो किसी एक महीने के दौरान सर्वाधिक उत्पादन है। यह एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 27.64 फीसदी अधिक है।
मई 2022 तक कोल इंडिया का उत्पादन 2.635 करोड़ टन था जो पिछले साल की समान अवधि में हुए उत्पादन के मुकाबले 34.44 फीसदी अधिक है। एक सरकारी बयान में कहा गया है कि कोल इंडिया के खदानों से कोयले का कुल डिस्पैच अप्रैल 2022 में 6.03 फीसदी बढ़कर 5.75 करोड़ टन हो गया जो अप्रैल 2021 में 5.423 करोड़ टन रहा था।
चालू वित्त वर्ष के लिए कोल इंडिया का उत्पादन लक्ष्य 70 करोड़ टन है। इसमें से बिजली क्षेत्र को अधिकांश आपूर्ति की जाएगी जो 50 करोड़ टन से अधिक है।
कोल इंडिया के अधिकारियों ने कहा कि कोयले का उत्पादन बढ़ाने के लिए कंपनी ने कुल 16 कोयला खनन परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें से 7 परियोजनाएं नई हैं जबकि 9 परियोजनाओं में क्षमता विस्तार किया जाएगा। इन परियोजनाओं की कुल क्षमता सालाना 10 करोड़ टन कोयला उत्पादन की होगी जबकि वृद्धिशील क्षमता करीब 2.7 करोड़ टन सालाना होगी।
कोल इंडिया ने इससे पहले निजी खनन विकास ऑपरेटरों (एमडीओ) को आवंटित करने के लिए 15 परियोजनाओं की पहचान की थी। उन परियोजनाओं की कुल उत्पादन क्षमता 17 करोड़ टन सालाना है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कंपनी ने सालाना 9.6 करोड़ टन क्षमता के साथ 5 परियोजनाओं के लिए काम शुरू करने के निर्देश जारी किए हैं।
कंपनी बिना उपयोग वाले बेकार पड़ी खदानों की पेशकश करने की भी योजना बना रही है। इस समाचार पत्र ने खबर दी थी कि इनमें से अधिकतर खदान एमडीओ मोड में निजी निवेश के इंतजार में हैं। कंपनी ने कहा है कि उसने ऐसी 20 खदानों की पहचान की है।

First Published - May 25, 2022 | 12:41 AM IST

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