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ओ2सी: रिलायंस व अदाणी में बढ़ेगी होड़

Last Updated- December 11, 2022 | 4:06 PM IST

 मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) को उसके सबसे बड़े कारोबार ऑयल टु केमिकल्स (ओ2सी) में देर-सबेर तगड़ी प्रतिस्पर्धा से जूझना पड़ सकता है। शायद इसी वजह से देश की सबसे मूल्यवान कंपनी ने सोमवार को अपने ओ2सी कारोबार में 75,000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा करते हुए लोगों को अचंभित कर दिया। 
कंपनी ने कहा कि यह निवेश मुख्य तौर पर मौजूदा एवं नई मूल्य श्रृंखला में क्षमता विस्तार पर किया जाएगा। इसमें प्यूरिफाइड टेरेफ्थेलिक एसिड (पीटीए), पॉलिथिलीन टेरेफ्थेलेट (पीईटी), पॉलिविनाइल क्लोराइड (पीवीसी) और कार्बन फाइबर जैसे क्षेत्रों में निवेश शामिल हैं।
रिलायंस ने यह पहल ऐसे समय में की है जब अदाणी और टीसीजी जैसे प्रतिस्पर्धी कारोबारी समूह ओ2सी क्षेत्र में उतरने की संभावनाएं तलाश रहे हैं। अदाणी समूह के सूत्रों ने बताया कि 1,000 किलो टन प्रति वर्ष (केटीपीए) क्षमता का पीवीसी संयंत्र नवंबर 2024 तक चालू हो जाएगा। यह मुंद्रा में चरणबद्ध तरीके से 2,000 केटीपीए क्षमता वाला पीवीसी संयंत्र स्थापित करने की व्यापक योजना का हिस्सा है। इसमें फीडस्टॉक के तौर पर कोयले का इस्तेमाल किया जाएगा।
मामले से अवगत सूत्रों ने कहा कि अदाणी समूह का पीवीसी संयंत्र इमल्सन पीवीसी, सस्पेंशन पीवीसी और क्लोरिनेटेड पीवीसी जैसी वस्तुओं का उत्पादन करने में समर्थ होगा। उसका उत्पादन ऐसे समय में शुरू होने जा रहा है जब देश की सालाना उत्पादन क्षमता करीब 15 लाख टन सालाना पर स्थिर है। 
क्षेत्र विशेषज्ञों के अनुसार, भारत सालाना 18 से 19 लाख टन पीवीसी का आयात करता है क्योंकि उद्योग में व्यापक तौर पर इस्तेमाल किए जाने के कारण इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि अदाणी जैसे बड़े कारोबारी समूह के इस क्षेत्र में आने से भविष्य में अंतर को पाटने में मदद मिलेगी।
इस बीच, चटर्जी ग्रुप (टीसीजी) तमिलनाडु में पॉलिमर, केमिकल और पीटीए के उत्पादन की योजना बना रहा है। इसके लिए उसने दिवालिया अदालत से राज्य में नागार्जुन ऑयल कॉरपोरेशन (एनओसीएल) की परिसंपत्तियों का अधिग्रहण किया है। उद्योग सूत्रों ने बताया कि चटर्जी ग्रुप एक पेट्रोकेमिकल परिसर स्थापित करने के शुरुआती चरण में है। उसके बाद दूसरे चरण में क्रूड ऑयल रिफाइनरी स्थापित करने की योजना  है।
मुंबई की ब्रोकरेज फर्म केआर चोकसी के प्रबंध निदेशक केआर चोकसी ने कहा, ‘अगले कुछ वर्षों के दौरान ओ2सी क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ने वाली है। इसे देखते हुए रिलायंस ने खुद को मजबूत करने के लिए एहतियातन कदम उठाए हैं।’ उन्होंने कहा कि ओ2सी से रिलायंस को सबसे अधिक राजस्व प्राप्त होता है। इसलिए इस क्षेत्र में अपनी क्षमता बढ़ाने और मूल्य श्रृंखला को एकीकृत करने से रिलायंस खाई को पाटने की कोशिश कर रही है। आरआईएल यह भी चाहती है कि उसके राजस्व और मुनाफे में ओ2सी का सबसे अधिक योगदान आगे भी बरकरार रहे।
ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टैनली ने आरआईएल के बारे में कहा है कि डाउनस्ट्रीम केमिकल्स में 75,000 करोड़ रुपये का निवेश कंपनी के लिए एक सकारात्मक कदम है। 
 

First Published - August 31, 2022 | 10:05 PM IST

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