दिल्ली उच्च न्यायालय ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को निर्देश दिया है कि वह रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी टीके टोल रोड प्राइवेट लिमिटेड (टीकेटीआर) को मध्यस्थता आदेश के अनुरूप 1,204 करोड़ रुपये की राशि प्रदान करे।
रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि उच्च न्यायालय ने 9 अगस्त के अपने आदेश में एनएचएआई को उसे यह राशि देने का निर्देश दिया है और टीकेटीआर को बैंक गारंटी के एवज में वह राशि निकालने की अनुमति दी है।
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कंपनी ने कहा, हम आपको सूचित करना चाहते हैं कि टीकेटीआर और एनएचएआई के बीच मध्यस्थता के मामले में, एक निष्पादन याचिका में, दिल्ली उच्च न्यायालय ने अपने नौ अगस्त, 2023 के आदेश के तहत एनएचएआई को ब्याज सहित कुल 1,204 करोड़ रुपये की राशि जमा करने का निर्देश दिया और टीकेटीआर को बैंक गारंटी के विरुद्ध इसे वापस लेने की अनुमति दी गई।
कंपनी ने कहा कि इस राशि का उपयोग कर्ज चुकाने में किया जाएगा।
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