facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

तोशीबा और तोसीबा का ट्रेडमार्क का झगड़ा निपटाएगा दिल्ली हाई कोर्ट

Last Updated- December 07, 2022 | 8:05 AM IST

ट्रेडमार्क विवादों की फेहरिस्त में शामिल जापानी कंपनी तोशीबा कॉरपोरेशन और तोसीबा अप्लायंसेज कंपनी ऑफ इंडिया के मामले को अब दिल्ली उच्च न्यायालय देखेगा।


सर्वोच्च न्यायालय ने मामला दिल्ली उच्च न्यायालय में स्थानांतरित करते हुए इसे जल्द से जल्द निपटाए जाने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति एस बी सिंह की पीठ ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के हालिया फैसले को पलट दिया। उन्होंने कहा, ‘दिल्ली उच्च न्यायालय से हम यह आग्रह करेंगे कि वह तोसीबा अप्लायंसेज के खिलाफ तोशीबार कॉर्पोरेशन की ओर से दायर मामले का जल्द से जल्द निपटारा कर दे।’

उच्च न्यायालय को इस बात का फैसला करने का भी निर्देश दिया गया कि तोशीबा के ट्रेडमार्क का उपयोग करने के लिए तोसीबा अधिकृत है या नहीं। गौरतलब है कि तोशीबा ने पिछले 7 साल से इस ट्रेडमार्क के तहत किसी भी तरह के उत्पाद का विनिर्माण नहीं किया है। ऐसी हालत में तोसीबा उसका इस्तेमाल कर सकती है या नहीं, यह भी दिल्ली उच्चच न्यायालय ही तय करेगा। इसके अलावा न्यायालय को यह फैसला भी करना है कि रजिस्ट्रार ऑफ ट्रेडमार्क को कंपनी ट्रेड ऐंड मकर्ेंडाइज मार्क्स अधिनियम 1958 की धारा 46 में गैर उपयोग के आधार पर उत्पादों से नाम हटाने का अधिकार है या नहीं।

काबनुशिकी काइश तोशीबा (तोशीबा) की स्थापना 1857 में हुई थी और उसने बिजली के उपकरणों तोसीबा या अन्य धोखा देने वाले ट्रेडमार्क के इस्तेमाल से भारतीय कंपनी को रोकने के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया था। कंपी का कहना है कि तोसीबा ट्रेडमार्क सुनने में तोशीबा जैसा ही लगता है। यह मामला अब भी लंबित है। जापानी कंपनी का कहना है कि उसका ब्रांड नाम यानी तोशीबा भारत में 1953 से ही दर्ज है। तोशीबा दो शब्दों से मिलकर बना है। इसमें तोक्यो से तो शब्द लिया गया है और शिबोरा से शीबा शब्द लिया गया है।

कंपनी का तर्क है कि इसी आधार पर इस ब्रांड नाम को कोई साधारण शब्द नहीं माना जा सकता। यही वजह है कि कोई दूसरी कंपनी इस नाम का इस्तेमाल नहीं कर सकती। दूसरी ओर भारतीय कंपनी का कहना है कि जापानी कंपनी अपने कई उत्पादों में लंबे समय से तोशीबा ब्रांड नाम का इस्तेमाल नहीं कर रही थी। इसी वजह से रजिस्ट्रार ने उन उतपादों को पंजीकरण वाली सूची से हटा दिया है और यह कदम बिल्कुल ठीक है। पिछले दो दशकों से दोनों कंपनियां दिल्ली और कलकत्ता में कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने तोशीबा कॉर्प का नाम सूची से हटा देने को सही ठहराया था।

ट्रेडमार्क का वार

तोशीबा और तोसीबा का ट्रेडमार्क झगड़ा है दो दशक पुराना
ट्रेडमार्क पंजीयक ने कर दिया था नाम को सूची से बाहर
सर्वोच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया यह फैसला

First Published - June 30, 2008 | 1:11 AM IST

संबंधित पोस्ट