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सिंगुर की आग से गर्म रहे टाटा मोटर्स के चर्चे

Last Updated- December 07, 2022 | 8:02 PM IST

टाटा मोटर्स पर चर्चाओं का दौर अभी थम नहीं रहा है। सिंगुर में ममता बनर्जी ने विरोध का बम क्या फोड़ा, टाटा समूह के चेयरमैन रतन टाटा ने भी नैनो परियोजना पर काम रोकने का ऐलान कर दिया।


2 सितंबर से ही सिंगुर संयंत्र में काम बंद हो गया है। इसके बाद तमाम हलकों में चिंता होना लाजिमी है कि नैनो का भविष्य क्या होगा। नैनो को अपने घर के आगे खड़ा करने के ख्वाब देख रहा आम मध्यमवर्गीय भारतीय भी यह पूछ रहा है और इस परियोजना से जुड़ी तमाम कलपुर्जा कंपनियां भी। इसके अलावा भी राजनीतिक और कॉर्पोरेट जगत में कंपनी चर्चा का सबब बनी है।

शेयर बाजार पर भी इसका असर दिख रहा है। टाटा मोटर्स के शेयर हफ्ते भर ऊपर नीचे होते रहे। सबसे पहले रतन टाटा की ना और उसके बाद काम बंद करने का ऐलान कंपनी के शेयरों के लिए अच्छा नहीं रहा। नैनो की वजह से टाटा मोटर्स पर दांव खेलने वाले निवेशक भी अब हड़बड़ाते दिख रहे हैं।

हालांकि ऐसे मौके पर कई दूसरे राज्य सामने आए हैं। चाहे निवेश की चाहत हो या आम आदमी का सपना साकार करने की तमन्ना, लेकिन गुजरात, उत्तराखंड, हरियाणा समेत कई राज्यों की सरकार नैनो के लिए संयंत्र अपने यहां लगाने की दावत टाटा को दे रही हैं।

बहरहाल राइट्स इश्यू की वजह से पिछले दो हफ्तों से सुर्खियों में आ रही इस कंपनी ने जब बिक्री के अपने आंकड़े पेश किए, तो निवेशकों का दिल और बैठ गया। अगस्त के महीने में मारुति को छोड़कर कमोबेश सभी कंपनियों ने बिक्री की रफ्तार तेज की, लेकिन टाटा के आंकड़े इसके उलट रहे।

इस महीने में टाटा ने महज 43,576 कारों की बिक्री की जबकि पिछले साल अगस्त में यह आंकड़ा 45,132 इकाई था। कंपनी की सबसे ज्यादा बिकने वाली कार इंडिका की बिक्री ही 31.9 फीसदी कम होकर 7,756 कारों पर थम गई।

First Published - September 6, 2008 | 12:25 AM IST

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