दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने 2,700 करोड़ रुपये जुटाने के लिए 18 बैंकों को पत्र लिखकर बोली आमंत्रित की है। एक महीने पहले उच्चतम न्यायालय ने डीएमआरसी को आदेश दिया था कि वह अपने खजाने से रिलायंस इन्फ्रा (आर-इन्फ्रा) को 4,600 करोड़ रुपये का भुगतान करे, जो लंबे समय से लंबित है।
न्यायालय ने दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश को बरकरार रखा है, जिसके बाद डीएमआरसी को पंचाट के फैसले के मुताबिक ब्याज के साथ रिलायंस इन्फ्रा को दिल्ली एयरपोर्ट मेट्रो एक्सप्रेस प्राइवेट लिमिटेड (डीएएमईपीएल) को दो समान किस्तों में भुगतान करना है।
इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने कहा कि बैंकों से मांगी जा रही कर्ज की राशि डीएमआरसी के डीएएमईपीएल की राशि के बराबर है। हालांकि इसकी प्रस्तुति समय समय पर एस्क्रॉ खाते के रूप में की गई है, डीएमआरसी ने पूर्व के न्यायालय के आदेशों का पालन करने के लिए 2,445 करोड़ रुपये का भुगतान पहले ही कर दिया है।
डीएएमईपीएल को भुगतान में देरी के कारण 31 मई तक डीएमआरसी की ब्याज संबंधी देनदारी 300 करोड़ रुपये हो गई है। अब फर्म हर दिन 1.15 करोड़ रुपये प्रतिदिन ब्याज का बोझ जोड़ रही है।
एसबीआई, ऐक्सिस बैंक, बैंक आफ बड़ौदा, बैंक आफ इंडिया, केनरा बैंक, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, कोटक और पीएनपी के साथ अन्य बैंकों को 19 मई को लिखे पत्र में कहा गया है कि कर्ज का पूंजीगत व्यय दिल्ली मेट्रो की एयरपोर्ट लाइन की संपत्तियों की खरीद के लिए होगा। मेट्रो ऑपरेटर ने पत्र में बैंकों से कहा है कि वे 30 मई तक व्यक्तिगत या कंसोर्टियम के रूप में बोली दाखिल करें।