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आरआईएल को एक्जिम बैंक का साथ

Last Updated- December 07, 2022 | 7:05 PM IST

मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड  यानी आरआईएल को अमेरिका के आयात-निर्यात (एक्जिम) बैंक से लंबी अवधि के लिए लगभग 1,720 करोड़ रुपये का कर्ज मिलने की गारंटी मिल गई है।


इस रकम से कंपनी कृष्णा-गोदावरी बेसिन में स्थित ऑफशोर और ऑनशोर तेल व गैस उत्खनन की परियोजनाओं के लिए अमेरिका से उपकरणों का आयात करेगी। अमेरिकी दूतावास ने जानकारी दी कि इस बारे में कल ही अनुमति मिल गई थी।

कहां होगी रकम इस्तेमाल

आरआईएल एक्जिम बैंक से मिली इस रकम का इस्तेमाल अमेरिका से इंजीनियरिंग सेवाएं, तेल का क्षेत्र, ऑफशोर परियोजनाओं के लिए सहायक उपकरण और ड्रिल आदि खरीदने में करेगी। कंपनी इस कर्ज का कुछ हिस्सा जामनगर में लग रही रिफाइनरी के निर्माण में भी लगाया जाएगा।

जामनगर में लग रही इस रिफाइनरी के लिए भी एक्जिम बैंक ने साल 2007 में भी इस रिफाइनरी के लिए कर्ज दिया था। इस लेन-देन में अन्य कंपनियों के अलावा बिशेल कॉर्पोरेशन, जे रे मैकडर्मोट इंक और कैनयॉन ऑफशोर इंक जैसी अमेरिका की बड़ी निर्यातक कंपनियां भी शामिल हैं।

एक्जिम बैंक के चेयरमैन एवं अध्यक्ष जेम्स एच लैंबराइट ने कहा, ‘भारत के बाजार में काफी संभावनाएं मौजूद हैं। हमें खुशी है कि अमेरिकी निर्यातकों की तरफ से हम ऊर्जा क्षेत्र की इतनी बड़ी परियोजना को आर्थिक समर्थन दे रहे हैं। हमारे सहयोग से अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ते मुकाबले में उनके निर्यात ज्यादा प्रतिस्पर्धी होंगे।’

आरआईएल है खास

आरआईएल भारतीय निजी क्षेत्र में राजस्व, शुद्ध मुनाफा और कुल संपत्ति के लिहाज से देश की सबसे बड़ी निर्यातक कंपनी हैं। फिलहाल रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे बड़ी रिफाइनरी का संचालन कर रही है। इसके साथ ही महाराष्ट्र और गुजरात में भी कंपनी के एकीकृत पेट्रोकेमिकल संयंत्र हैं।

मुकेश अंबानी की अध्यक्षता में आरआईएल देश भर के 13 राज्यों के 57 शहरों में रिलायंस फ्रेश नाम से अपने रिटेल स्टोरों का संचालन भी कर रही है। हाल ही में कंपनी ने तेल और गैस उत्खनन के ऑफशोर कारोबार में हाल ही में कदम रखा है।

भारत है पसंदीदा देश

एक्जिम बैंक भारत को निर्यात के कर्ज मुहैया कराने के कारोबार के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण बाजार माना है। अप्रैल 2008 में बैंक ने ऊर्जा, अक्षय ऊर्जा का उत्पादन, तेल और गैस क्षेत्र का विकास, हवाईअड्डे और बंदरगाह के निर्माण , रेलवे ट्रांजिट और हेल्थकेयर जैसे क्षेत्रों को वित्तीय सहायता मुहैया कराने के लिए इंडियन इन्फ्रास्ट्रक्चर फैसिलिटी की स्थापना की थी।

इसकी स्थापना का मकसद अमेरिका से भारत में होने वाले निर्यात को सहायता देना था। इस फैसिलिटी में अब भारत की भी 9 वित्तीय संस्थाएं शामिल हैं। इन संस्थाओं की आर्थिक क्षमता लगभग 10,500 करोड़ रुपये की सहायता देने की हैं।

एक्जिम बैंक अमेरिका की आधिकारिक एक्सपोर्ट क्रेडिट एजेंसी है। पिछले साल इस बैंक ने भारत में अमेरिका के निर्यात को सहायता देने के लिए भारतीय कंपनियों को लगभग 6,000 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता मुहैया कराई थी। बैंक की ओर से दी गई इस सहायता में से 2,150 करोड़ रुपये रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड समूह की कंपनी रिलायंस पेट्रोलियम लिमिटेड की जामनगर रिफाइनरी के निर्माण के लिए ही दी गई थी।

कर्ज और उसका जोड़-तोड़

अमेरिका से इंजीनियरिंग सेवाएं, तेल का क्षेत्र, ऑफशोर परियोजनाओं के लिए सहायक उपकरण और ड्रिल आदि खरीदने में किया जाएगा इस्तेमाल
कर्ज का कुछ हिस्सा जामनगर में लग रही रिफाइनरी के निर्माण में भी लगाया जाएगा
बिशेल कॉर्पोरेशन, जे रे मैकडर्मोट इंक और कैनयॉन ऑफशोर इंक जैसी निर्यातक कंपनियां भी शामिल हैं

First Published - August 29, 2008 | 11:11 PM IST

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