वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली ई-कॉमर्स फर्म की मार्केटप्लेस सहायक फ्लिपकार्ट इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2021-22 में 10,659 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है, जो पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 31 फीसदी ज्यादा है। कंपनी का शुद्ध नुकसान इस अवधि में 4,362 करोड़ रुपये रहा। बिजनेस इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म टॉफलर से यह जानकारी मिली। पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले यह 51 फीसदी ज्यादा है। फर्म ने ऑर्डर की डिलिवरी, विज्ञापन व प्रमोशन पर ज्यादा खर्च किया।
वित्त वर्ष में कंपनी का कुल खर्च 15,020 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 21 के मुकाबले 36 फीसदी ज्यादा है। खर्च में बढ़ोतरी मुख्य रूप से डिलिवरी, विज्ञापन और प्रमोशन के अलावा कर्मचारी लाभ पर हुए खर्च कारण हुई।
फ्लिपकार्ट इंटरनेट ने लॉजिस्टिक्स से जुड़ी सेवा पर 5,045 करोड़ रुपये खर्च किए, जो पिछले साल के मुकाबले 46 फीसदी ज्यादा है। विज्ञापन पर खर्च पहले के 1,073 करोड़ रुपये के मुकाबले 1,945 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। मरम्मत व रखरखाव पर खर्च 50 फीसदी बढ़कर 1,939 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पहले 1,286 करोड़ रुपये रहा था। फ्लिपकार्ट इंटरनेट विभिन्न स्रोतों से राजस्व अर्जित करती है। इनमें सेवाओं से आय मसलन मार्केटप्लेस, कलेक्शन, लॉजिस्टिक्स, स्टोरेज व विज्ञापन शामिल है।
मार्केटप्लेस सेवाओं से राजस्व 2,823 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले 2,794 करोड़ रुपये रहा था। विज्ञापन से राजस्व 50 फीसदी बढ़कर 2,083 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। लॉजिस्टिक्स सेवा से राजस्व 57 फीसदी बढ़कर 3,838 करोड़ रुपये रहा। इसके अलावा फैशन रिटेलर मिंत्रा डिजाइंस प्राइवेट लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2021-22 में 3,610 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया, जो एक साल पहले के मुकाबले 36 फीसदी ज्यादा है। कंपनी का शुद्ध नुकसान इस दौरान 597 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले के मुकाबले 40 फीसदी ज्यादा है।