मरैमलाई नगर संयंत्र में फोर्ड इंडिया कर्मियों की हड़ताल में उस वक्त एक नया मोड़ आ गया जब कंपनी ने कर्मचारियों को ‘नॉन-नेगोशिएबल’ सेवरेंज पैकेज यानी गैर-शर्त विशेष वेतन लाभ सोमवार शाम तक स्वीकार करने की समय-सीमा तय कर दी। कंपनी ने 14 जून से श्रमिकों के खिलाफ संभावित कानूनी कार्रवाई का भी संकेत दिया और संयंत्र को जल्द बंद करने की चेतावनी दी।
पिछले 14 दिन से, संयंत्र में काम कर रहे करीब 2,000 कर्मचारियों ने कंपनी से बेहतर पैकेज की मांग करते हुए हडताल की थी। नए पैकेज (जिसकी समय-सीमा सोमवार है) के अनुसार, कर्मचारियों को सेवा के प्रत्येक संपूर्ण वर्ष के लिए करीब 115 दिन के सकल पारिश्रमिक की पेशकश की गई थी। कंपनी ने दावा किया है कि पैकेज कानूनी सेवरेंस पैकेज या प्रत्येक वर्ष के लिए 15 दिन के वेतन से अधिक होगा। यूनियन के एक अधिकारी ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि श्रमिक इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं, क्योंकि यह पेशकश केंद्र की सहमति के बगैर की गई थी। कर्मचारियों को भेजी जानकारी में कंपनी ने कहा था कि यह पैकेज सिर्फ उन्हीं के लिए लागू होगा जो 14 जून से काम पर लौट आएंगे और कंपनी को उत्पादन प्रक्रिया पूरी करने में मदद करेंगे। पैकेज चाहने वाले कर्मचारियों से 13 जून (सोमवार) शाम 5 बजे तक प्रबंधन द्वारा इसे स्वीकार करने को कहा गया था। पैकेज में पिछले सकल पारिश्रमिक (मई 2022) के 87 दिनों के बराबर एक्स-ग्रेशिया राशि और 50,000 रुपये की निर्धारित राशि शामिल है। इसके अलावा 2,40,000 रुपये की एकमुश्त राशि के बराबर लाभ और मार्च 2024 तक मौजूदा मेडिकल इंश्योरेंस की निरंतरता की भी पेशकश की गई थी।
सूचना में कहा गया है, ‘यह पैकेज गैर मोलभाव वाला है, और इस सूचना की शर्तों को किसी सेवा के नियमों के हिस्से के तौर पर नहीं देखा जाएगा। यदि कर्मचारी सेवरेंस पैकेज का चयन नहीं करते हैं तो कंपनी कानूनी कदम उठाने के लिए बाध्य होगी।’
फोर्ड मोटर कंपनी ने पिछले साल सितंबर में घोषणा की थी कि वह भारत में अपने संयंत्र बंद कर रही है। केंद्र और प्रबंधन के बीच अगले दौर की बातचीत 14 जून को होनी है और इसी तारीख को कंपनी ने उत्पादन पुन: शुरू करने की योजना बनाई है। चूंकि संयंत्र परिसरों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, इसलिए कर्मियों को सूचित कर दिया गया था कि सिर्फ उन लोगों को ही संयंत्र के अंदर प्रवेश करने की अनुमति होगी जो मंगलवार से उत्पादन में मदद करने को इच्छुक हों।
भारत में निवेश दोगुना करेगी सैप
जर्मनी की बिजनेस सॉफ्टवेयर कंपनी सैप भारत में अपना निवेश बढ़ा रही है। कंपनी का कहना है कि भारत में उसका आरऐंडडी कार्यबल कंपनी की रीढ़ है।
कंपनी के मुख्यालय जर्मनी के बाहर उसका सबसे बड़ा अनुसंधान एवं विकास केंद्र सैप लैब्स इंडिया इस साल 3,600 लोगों को नियुक्त करेगा। कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सैप लैब्स इंडिया ने इस साल मई तक 1,600 कर्मचारियों को पहले ही नियुक्त कर चुकी है। बीएस