अदाणी समूह द्वारा अंबुजा सीमेंट्स में होल्सिम की हिस्सेदारी खरीदने के लिए 6.4 अरब डॉलर का सौदा पूरा करने के कुछ ही घंटों के अंदर, अंबुजा सीमेंट्स के बोर्ड और उसकी सहायक इकाई एसीसी के बोर्ड में बदलाव किया गया। इस बदलाव के तहत गौतम अदाणी को अंबुजा सीमेंट्स का चेयरमैन, जबकि उनके बड़े बेटे करण अदाणी को एसीसी का चेयरमैन एवं
गैर-कार्यकारी निदेशक बनाया गया। करण अंबुजा सीमेंट्स के गैर-कार्यकारी निदेशक भी होंगे, क्योंकि होल्सिम के प्रतिनिधि भी बोर्ड से बाहर हो गए हैं।
कंपनी बोर्ड ने अदाणी समूह की प्रवर्तक इकाई को अतिरिक्त 20,000 करोड़ रुपये जुटाने के लिए परिवर्तनीय वारंट के तरजीही आवंटन को भी मंजूरी दी है। इस राशि का इस्तेमाल वर्ष 2030 तक समूह को देश की सबसे बड़ी सीमेंट कंपनी बनाने के उद्देश्य के साथ अतिरिक्त क्षमता तैयार करने में किया जाएगा।
अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा, ‘जिस वजह से सीमेंट आकर्षक व्यवसाय बन गया है वह है भारत में इसकी संभावनाएं, जो यहां हरेक अन्य देश से ज्यादा हैं। सीमेंट व्यवसाय में सफलता ऊर्जा लागत, लॉजिस्टिक और वितरण खर्च की सही रणनीति, तथा उत्पादन में बदलाव लाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का लाभ उठाने की दक्षता पर निर्भर करती है।’
अदाणी ने कहा, ‘दुनिया में सबसे बड़ी अक्षय ऊर्जा कंपनियों में से एक के तौर पर हमारी हैसियत हमारे लिए अच्छी गुणवत्ता वाली और पर्यावरणयुक्त सीमेंट का निर्माण करने में मददगार साबित होगी। ये सभी बदलाव हमें वर्ष 2030 तक सीमेंट की सबसे बड़ी और बेहद सक्षम निर्माता बनने की राह पर आगे लाएंगे।’
आदित्य बिड़ला समूह की कंपनी अल्ट्राटेक मौजूदा समय में 12 करोड़ टन सालाना क्षमता के साथ भारत की सबसे बड़ी सीमेंट कंपनी है। दूसरी तरफ, अंबुजा सीमेंट्स और एसीसी की संयुक्त उत्पादन क्षमता 6.75 करोड़ टन सालाना है। ये दो कंपनियां भारत में 14 एकीकृत इकाइयों, 16 ग्राइंडिंग इकाइयों, और 79 रेडी-मिक्स कंक्रीट संयंत्रों के साथ सबसे मजबूत ब्रांडों में शुमार हैं।
तरजीही वारंट 418.87 रुपये की दर पर जारी किए जाएंगे। अदाणी समूह ने एक बयान में कहा है कि अतिरिक्त कोष से अंबुजा को बाजार में वृद्धि की रफ्तार मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। इससे सभी शेयरधारकों के लिए मूल्य सृजन को बढ़ावा मिलेगा। अंबुजा सीमेंट्स और एसीसी, दोनों को अदाणी के एकीकृत इन्फ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म, खासकर कच्चे माल, अक्षय ऊर्जा और लॉजिस्टिक का लाभ उठाने का अवसर मिलेगा।
अंबुजा और एसीसी को ईएसजी, पुन: इस्तेमाल और पूंजी प्रबंधन धारणा पर अदाणी के दृष्टिकोण का भी लाभ मिलेगा। ये व्यवसाय ‘यूएन सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स’ के अनुरूप बने रहेंगे।
अदाणी समूह ने कहा है कि अपनी प्रशासनिक विचारधारा के अनुरूप अंबुजा सीमेंट्स और एसीसी, दोनों की बोर्ड समितियों में बदलाव किए गए हैं। लेखा समिति और नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति में अब 100 प्रतिशत स्वतंत्र निदेशक शामिल हैं।
इसके अलावा दो नई समितियां बनाई गई हैं – कॉरपोरेट रेस्पोंसिबिलिटी कमेटी और
पब्लिक कंज्यूमर कमेटी, जिनमें 100 प्रतिशत स्वतंत्र निदेशक शामिल हैं। ये समितियां बोर्ड को ईएसजी प्रतिबद्धताओं पर आश्वासन और उपभोक्ता संतुष्टि से जुड़ी होंगी। इसके अलावा, जोखिम प्रबंधन के लिए जिंस कीमत समिति भी बनाई गई है, जिसमें स्वतंत्र निदेशकों की भागीदारी 50 प्रतिशत है।
होल्सिम के मुख्य कार्याधिकारी जन जेनिश्च ने कहा, ‘मैं अपने उन 10,700 भारतीय सहयोगियों को धन्यवाद देना चाहूंगा जिन्होंने अपने समर्पण और दक्षता के जरिये हमारे व्यवसाय के विकास में अहम योगदान दिया है। मैं यह बताकर बेहद उत्साहित महसूस कर रहा हूं कि अदाणी समूह उनके लिए और हमारे ग्राहकों के लिए भविष्य में आगे बढ़ने के लिए सही ठिकाना है।’
इस सौदे को 14 अंतरराष्ट्रीय बैंकों से प्राप्त 4.5 अरब डालर की वित्तीय सहायता के जरिये वित्त पोषित किया गया था। बार्कलेज बैंक पीएलसी, डॉयचे बैंक एजी और स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक ने इस सौदे के लिए वित्तीय प्रबंधकों की जिम्मेदारी निभाई।