ऑटो क्षेत्र से जुड़ी दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी जनरल मोटर्स (जीएम) की योजना देश में अपनी फैक्टरियों की क्षमता को बढ़ाकर 3 लाख कारें प्रति वर्ष करने की है।
कंपनी के इस कदम के पीछे दुनिया के दूसरे सबसे अधिक जनसंख्या वाले देश भारत में लोगों की खर्च योग्य आय बढ़ रही है, जिससे वाहनों की मांग में भी तेजी होगी। पुणे के पास तालेगांव में कंपनी एक ओर संयंत्र लगाने जा रही है।
वहीं मौजूद कंपनी की भारतीय इकाई के अध्यक्ष कार्ल स्लिम का कहना है, कंपनी फिलहाल देश में 1,40,000 वाहनों का उत्पादन करती है। उन्होंने इस विस्तार के लिए समय की जानकारी नहीं दी। सरकार की ओर से की गई भविष्यवाणी के अनुसार पिछले पांच वर्षों में दोगुनी हो चुकी है भारतीय कारों की बिक्री, हो सकता है 2015 तक यह तीगुनी हो कर 30 लाख कारें हो जाए।
इससे देखते हुए जनरल मोटर्स और निसान मोटर्स जैसी कंपनियों ने लगभग 25,200 करोड़ रुपये के निवेश के साथ देश में विस्तार की योजना बनाई है। इसके पीछे एक और वजह भी है वह यह कि अमेरिका और जापान में मांग में मंदी का दौर बना हुआ है।
स्लिम ने कहा कि जीएम अपने संयंत्र में लगभग 1,260 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। 28 अगस्त को कंपनी ने अपनी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा था कि कंपनी भारत में इंजन फैक्टरी लगाने में 8,400 करोड़ रुपये से अधिक राशि लगा सकती है।
जीएम का कहना है, महाराष्ट्र में कंपनी के प्रस्तावित इंजन के संयंत्र की शुरुआत सालाना 1,60,000 इंजनों का उत्पादन के साथ होगी, जिसकी क्षमता बाद में 3 लाख इंजनों तक की जा सकती है।