अमेरिका की निजी इक्विटी निवेश कंपनी विल्बर रॉस और गोल्डमैन सैक्स सस्ती उड़ानों के मामले में भारत की दूसरी सबसे बड़ी स्पाइसजेट में लगभग 420 करोड़ रुपये का निवेश करेंगी।
यह राशि कंपनी में दो चरणों में शेयरधारकों की मंजूरी के बाद लगाई जाएगी। 15 जुलाई को रॉस के साथ हुए पहले करार के तहत माना जा रहा था कि रॉस लगभग 345 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
तरजीही आवंटन के सेबी के नियमों के तहत गोल्डमैन सैक्स को नए इक्विटी वॉरंट जारी किए जा रहे हैं। रॉस ने एक वक्तव्य में कहा, ‘उद्योग में जारी विलय और अधिग्रहण के दौर में इस निवेश से स्पाइसजेट को मुश्किलों से निकलने में मदद मिलेगी।’
इस मामले के जानकारों का कहना है कि इस नए करार से खुली पेशकश की संभावनाएं बढ़ जाती हैं, जैसा कि मूल करार खुली पेशकश से हटकर चल रहा था। अब रॉस गोल्डमैन सैक्स से लगभग 178.5 करोड़ रुपये के सभी विदेशी मुद्रा परिवर्तनीय बॉनड खरीद सकती है।
इसके अलावा रॉस दुबई के निवेश समूह इस्तिथमार की स्पाइसजेट में मौजूदा हिस्सेदारी लगभग 157.5 करोड़ रुपये पर भी निगाह लगाए हुए है। कंपनी इस्तिथमार को तकरीबन 105 करोड़ रुपये देकर बॉन्ड खरीद सकती है।