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जीटीएल की नजर टिकी इंडमार पर

Last Updated- December 07, 2022 | 8:47 PM IST

विमानन कंपनियों को सेवा देने वाले बाजार में भी विलय और अधिग्रहण की गाड़ी रफ्तार से दौड़ रही है।


दूरसंचार कंपनियों जीटीएल और जीटीएल इन्फ्रास्ट्रक्चर की होल्डिंग कंपनी ग्लोबल होल्डिंग कंपनी (जीएचसी) भी मुंबई की इंडमार एविएशन सर्विसेज कंपनी को खरीदने की फिराक में है। हालांकि इस सौदे में खर्च होने वाली रकम के बारे में नहीं बताया गया है, लेकिन कंपनी इस सौदे को अगले 15-20 दिन में पूरा करने की कोशिश में लगी है।

इस मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि जीएचसी की सहायक कंपनी ग्लोबल प्रोजेक्ट्स ऐंड एविएशंस के जरिये यह अधिग्रहण किया जाएगा। तमाम विमानन कंपनियों को साजसंभाल और मरम्मत संबंधी सेवाएं प्रदान करने वाली इंडमार के पास नकदी का टोटा हो गया है। कंपनी नकदी हासिल करने के लिए काफी समय से निवेशकों से बात कर रही है।

ग्लोबल प्रोजेक्ट्स ऐंड एविएशंस और इंडमार के अधिकारियों ने इस सौदे की पुष्टि की। इंडमार समूह के एक शीर्ष सूत्र ने कहा कि ग्लोबल प्रोजेक्ट्स ऐंड एविएशन ने इंडमार का अधिग्रहण कर लिया है, लेकिन एविएशन समूह के मुख्य परिचालन अधिकारी राजीव वाधवा ने कहा कि जीटीएल लिमिटेड और जीटीएल इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कंपनी में निवेश नहीं किया है।

जीएचसी के प्रवक्ता ने इस बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। इंडमार का मुख्यालय मुंबई इंटरनेशन हवाई अड्डे पर है और देश में नौ स्थानों पर वह अपनी सेवाएं देती है। उसके पास 40 इंजीनियर हैं और मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के साथ उसकी कानूनी लड़ाई चल रही है।

दरअसल पट्टे की अवधि खत्म हो जाने की वजह से कंपनी ने इंडमार को अपना परिसर खाली करने के लिए नोटिस दिया है। यह मामला अभी अदालत में है। ग्लोबल प्रोजेक्ट्स ऐंड एविएशंस विमानों की साज संभाल, मरम्मत और ओवरहॉलिंग का काम शुरू करने वाली है।

First Published - September 12, 2008 | 12:09 AM IST

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