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फर्जी रिव्यू पर रोक के लिए दिशानिर्देश

Last Updated- December 10, 2022 | 11:12 AM IST

केंद्र सरकार ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर फर्जी समीक्षा यानी रिव्यू पर रोक लगाने के लिए आज मानक दिशानिर्देश जारी कर दिए। ये दिशानिर्देश 25 नवंबर से प्रभावी होंगे। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने इनकी रूपरेखा तैयार की है। दिशानिर्देश तैयार करने के लिए जून में गठित समिति में जोमैटो, ​स्विगी, रिलायंस रिटेल, टाटा संस, एमेजॉन, फ्लिपकार्ट, ​ब्लिंकइट, गूगल, मेटा और मीशो सहित ग्यारह से अधिक ई-कॉमर्स कंपनियां शामिल थीं। इन कंपनियों ने पहले ही वादा किया है कि वे इन मानकों का पालन करेंगी। 
दिशानिर्देशों के अनुसार ई-कॉमर्स कंपनियों को एक आचार संहिता तैयार करनी होगी और पहुंच, मानदंड आदि आवश्यक नियम एवं शर्तें तैयार करनी होंगी। यह सुनि​श्चित करना होगा कि सामग्री में कोई वित्तीय जानकारी नहीं है। 

ई-कॉमर्स कंपनियों को फिल्टरिंग ऐंड कंट्रोल टूल्स एवं एल्गोरिदम, सत्यापन एवं नियंत्रण प्रक्रिया और समीक्षा की विश्वसनीयता को परखने के लिए एक प्रक्रिया भी विकसित करनी होगी। दिशानिर्देश में ईमेल पते के जरिये रिव्यू लिखने वालों के सत्यापन, टेलीफोन कॉल या एसएमएस द्वारा पहचान, लिंक पर क्लिक करते हुए पंजीकरण की पुष्टि करने, कैप्चा सिस्टम आदि का उपयोग करते हुए समीक्षा लेखक की प्रामाणिकता की जांच करने के तरीकों के बारे में भी बताया गया है। ये मानक उन सभी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लागू होंगे, जो उपभोक्ताओं के लिखे रिव्यू प्रकाशित करते हैं। आपूर्तिकर्ताओं द्वारा ठेके पर रखे गए तीसरे पक्षों और स्वतंत्र तीसरे पक्षों पर भी लागू होंगे। 
अनुपालन का आकलन करने के लिए मानक ब्यूरो 15 दिनों के भीतर एक योजना तैयार करेगा। उपभोक्ता मामलों के विभाग के अनुसार शुरू में सभी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को स्वेच्छा से दिशानिर्देशों के पालन का मौका दिया जाएगा मगर बाद में अनुपालन अनिवार्य कर दिया जाएगा।

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय में सचिव रोहित कुमार सिंह ने कहा, ‘कंपनियों द्वारा इन मानकों के उल्लंघन को अनुचित व्यापार व्यवहार अथवा उपभोक्ता अ​धिकारों का उल्लंघन माना जाएगा। उपभोक्ता इसकी ​शिकायत राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन, उपभोक्ता फोरम अथवा सीसीपीए में कर सकेंगे। कंपनियां भी विभाग को बताएंगे कि सभी रेटिंग्स की पारदर्शी तरीके से गणना किस तरह की जाती है। 

नियमों के अनुसार वेबसाइटों पर समीक्षाओं के समय के हिसाब से प्रकाशन के लिए तिथियों को स्वत: प्रदर्शित करना होगा। साथ ही समग्र रेटिंग को सभी समीक्षाओं का औसत दिखाते हुए डिफॉल्ट डिस्प्ले में शामिल किया जाएगा।

जोमैटो ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा, ‘हम मानते हैं कि उपभोक्ताओं के हितों के लिए रिव्यू जैसा फीडबैक का तरीका आवश्यक है। हम आवश्यक मानक निर्धारित करने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों का स्वागत करते हैं। हम समिति का हिस्सा बनने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’ 
सूत्रों के अनुसार ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट इसके लिए पहले ही एक मॉडल पेश कर चुकी है, जहां केवल ‘सत्यापित खरीदार’ ही खरीदे गए उत्पाद की समीक्षा कर सकता है। इंटरनेट कॉमर्स फर्म मीशो ने कहा, ‘हमने एक एल्गोरिदमिक मॉडल तैयार किया है जो उपयोगकर्ताओं की समीक्षा की सत्यता का आकलन करने और अन्य उपयोगकर्ताओं के लिए वास्तविक समीक्षा देने में मदद करता है।’ 

First Published - November 21, 2022 | 10:17 PM IST

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