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स्टार्टअप में गुजरात, कर्नाटक अव्वल

Last Updated- December 11, 2022 | 5:48 PM IST

गुजरात और कर्नाटक राज्य स्टार्टअप रैंकिंग 2021 में ‘बेस्ट परफार्मर’ बनकर उभरे हैं। तीसरी बार यह रैंकिंग हुई है। वहीं केंद्र शासित क्षेत्रों (यूटी)  और  उत्तर पूर्वी राज्यों (एनई) में मेघालय ने शीर्ष जगह पाई है।
दूसरी बार इस सर्वे को 2020 में कराया गया था, जिसमें गुजरात बेस्ट परफॉर्मर बनकर उभरा था। राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों, जिनकी आबादी 1 करोड़ से ज्यादा है, उनकी रैंकिंग अलग से की गई है। वहीं उत्तर पूर्वी राज्यों समेत 1 करोड़ से कम आबादी वाले इलाकों की अलग रैंकिंग की गई है।
केंद्र शासित क्षेत्र व राज्यों को 5 श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। उन्हें प्रदर्शन के आधार पर बेजोड़ प्रदर्शनकर्ता, शीर्ष प्रदर्शनकर्ता, लीडर्स, आकांक्षी लीडर्स और उभरते स्टार्टअप वातावरण वाले राज्य में विभाजित किया गया है। केरल, महाराष्ट्र, ओडिशा और तेलंगाना बड़े राज्यों में शीर्ष प्रदर्शनकर्ता रहे हैं। छोटे राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में शीर्ष प्रदर्शनकर्ताओं में जम्मू कश्मीर शीर्ष पर है।
उद्योग संवर्धन औऱ आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) 2018 से राज्यों में स्टार्टअप रैंकिंग की कवायद कर रहा है। पिछले साल महामारी के कारण रैंकिंग नहीं हो सकी। राज्यों के स्टार्टअप रैंकिंग में तीसरे संस्करण के लिए 1 अक्टूबर 2019 से 31 जुलाई 2021 तक के आंकड़े शामिल किए गए हैं।
डीपीआईआईटी ने एक बयान में कहा,  ‘6 माह से ज्यादा समय के दस्तावेजी साक्ष्य का मूल्यांकन किया गया। मूल्यांकन समिति ने 14 बैठकों में हर दस्तावेज का आकलन किया और 19 सरकारी विभागों व 29 गैर सरकारी स्टार्टअप हिस्सेदारों के विचारों का संयोजन कर उसका पारदर्शी तरीके से मूल्यांकन किया।’
हिस्सेदारों का मूल्यांकन 7 व्यापक सुधार मानकों के मुताबिक हुआ। इसमें 26 बिंदु की कार्रवाई शामिल है, जिसमें संस्थागत समर्थन, नवोन्मेष और उद्यमशीलता को बढ़ावा देना, बाजार तक पहुंच,  इन्क्यूबेशन समर्थन, वित्तपोषण संबंधी समर्थन, क्षमता बनाने में संरक्षण का समर्थन शामिल है।  वहीं 7,000 से ज्यादा लाभार्थियों से फीडबैक लिया गया और 13 अलग अलग भाषाओं में सर्वे किया गया, जिससे इसे लागू करने के स्तर पर वास्तविक स्थिति का पता चल सके।
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयलने कहा कि  भारत अब तीसरा बड़ा स्टार्टअप वाला देश बन गया है, जहां 71,000 पंजीकृत स्टार्ट अप हैं, जिनमें से 100 से ज्यादा यूनीकॉर्न बन गए हैं। उन्होंने कहा,  ‘कैलेंडर वर्ष 2021 में भारत के स्टार्टअप ने 42 अरब डॉलर से ज्यादा जुटाए हैं।  यह गति 2022 में भी बरकरार रही और स्टार्टअप ने 2022 की पहली तिमाही में 11 अरब डॉलर जुटाए हैं।’
गोयल ने कहा कि अगले 5 साल में हमारे पास ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) के रूप में लोकतंत्रीकृत ई-कॉमर्स होंगे। इसके अलावा 3 कंपनियां 100 अरब या 1 लाख करोड़ के आकार की होंगी जबकि एक हजार कंपनियां  अरब डॉलर की होंगी।
डीपीआईआईटी सेक्रेटरी अनुराग जैन ने कहा कि 2021 की रैंकिंग की कवायद में नीतियों को लागू करने व जमीनी स्तर पर उनके असर पर ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा, ‘की गई पहल और उनके असर से जमीनी स्तर पर उनके लागू होने की स्थिति का पता चलता है। 27 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों में स्थानीय भाषाओं में इसके लिए समर्पित वेबसाइट है। ’

First Published - July 4, 2022 | 11:56 PM IST

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