होंडा कार्स इंडिया नए एसयूवी मॉडलों के साथ भारत के यात्री कार बाजार में अपनी वापसी के लिए पूरी तरह आश्वस्त है। कंपनी विभिन्न श्रेणियों को लक्ष्य करते हुए कई नए एसयूवी मॉडल उतारने जा रही है। कंपनी अगले साल इसकी शुरुआत करेगी।
जापानी कार कंपनी की भारतीय इकाई ने एक पूर्ण इलेक्ट्रिक मॉडल के लिए व्यवहार्यता अध्ययन शुरू कर दिया है। कंपनी ने एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कंपनी निर्यात पर अधिक ध्यान केंद्रित करेगी। उन्होंने कहा कि सिटी और अमेज जैसे लोकप्रिय मॉडल बनाने वाली इस कंपनी के बुरे दिन अब लद चुके हैं।
होंडा कार्स इंडिया के अध्यक्ष एवं सीईओ ताकुया सुमुरा ने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा, ‘मौजूदा स्थिति से हम खुश नहीं हैं। बाजार में सिडैन 20 फीसदी से भी कम है और एसयूवी 40 से 50 फीसदी है। हमने एसयूवी श्रेणी में काफी देरी से दस्तक दी है लेकिन अब हम उसमें उल्लेखनीय भागीदारी करेंगे। अब हम बाजार में अपनी वापसी करने के लिए तैयार हैं।’ हालांकि उन्होंने इसके लिए कोई समय-सीमा अथवा आगामी मॉडलों के बारे में अधिक जानकारी देने से इनकार किया।
कंपनी संभवत: अगले साल मुख्य एसयूवी श्रेणी में अपना पहला एसयूवी मॉडल उतारेगी जो घरेलू और निर्यात दोनों बाजारों के लिए होगा। इससे कंपनी को अपनी क्षमता उपयोगिता दर को बेहतर करने में मदद मिलेगी जो फिलहाल सालाना 1,80,000 वाहनों की स्थापित क्षमता का करीब 60 फीसदी है। होंडा साल दर साल निर्यात बढ़ा रही है। पिछले साल उसने मैक्सिको, तुर्की एवं कुछ अन्य देशों को करीब 20,000 वाहनों का निर्यात किया जो साल 2021 में हुए निर्यात के मुकाबले चार गुना अधिक है। कंपनी इस साल भी करीब 20,000 वाहनों के निर्यात की उम्मीद कर रही है।
होंडा वित्त वर्ष 2019 तक 5.5 फीसदी बाजार हिस्सेदारी के साथ भारत में यात्री वाहन बनाने वाली चौथी सबसे बड़ी कंपनी थी। अब वह फिसलकर आठवें पायदान पर पहुंच चुकी है। यात्री कार बाजार में तगड़ी प्रतिस्पर्धा और ग्राहकों की पसंद में लगातार हो रहे बदलाव से कंपनी को झटका लगा। वाहन डीलरों के संगठन फेडरेशन ऑफ ऑटो डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) के अनुसार, वित्त वर्ष 2022 के अंत तक कंपनी की बाजार हिस्सेदारी घटकर 2.86 फीसदी रह गई जो एक साल पहले 2.99 फीसदी थी।