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हाइब्रिड मॉडल से बनी रहेगी कर्मचारियों में उत्पादकता !

Last Updated- December 11, 2022 | 2:40 PM IST

घर और दफ्तर के मिले-जुले माध्यम से कामकाज करने के रुझान से जुड़ी एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि काम की उत्पादकता पर ‘अत्यधिक जोर’ होने की वजह से  भारतीय आईटी कंपनियों के कर्मचारियों की भलाई होने के बजाय उन्हें नुकसान हो रहा है और इसकी वजह से नौकरी छूटने तक की नौबत आ रही है। 
माइक्रोसॉफ्ट के वैश्विक कार्य रुझान इंडेक्स रिपोर्ट 2022 के अनुसार, 47 प्रतिशत कर्मचारियों और उनके 58 प्रतिशत प्रबंधनकर्ताओं ने कहा कि वे काम में मानसिक तौर पर थकान महसूस करने के साथ निरुत्साहित महसूस करते हैं। भारतीय आईटी क्षेत्र के 93 प्रतिशत कर्मचारियों ने कहा कि काम के दौरान उनकी उत्पादकता बनी रहती है। केवल 9 प्रतिशत प्रबंधकों का मानना था कि घर और दफ्तर के मिले-जुले (हाइब्रिड) मॉडल से ही उन्हें भरोसा हो सकता है कि कर्मचारियों में उत्पादकता बनी रहेगी।
भारतीय कंपनियां कर्मचारियों को दफ्तर लौटने के लिए कह रही हैं। कंपनियों ने इंटरनेट भत्ते में कटौती करते हुए प्रदर्शन पर आधारित उच्च स्तर के भुगतान को लागू कर रही हैं और कर्मचारियों को बदलते माहौल के अनुरूप काम करने के लिए बजट की पेशकश कर रही हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि 80 प्रतिशत कर्मचारियों को कंपनी की उम्मीदें पूरा करने के अलावा दफ्तर आने के लिए बेहतर कारण की आवश्यकता है। करीब 93 प्रतिशत प्रबंधकों ने कहा कि कर्मचारियों को दफ्तर वापस लाना चिंता का विषय बन चुका है।
कंपनियों का पूरा जोर उत्पादकता पर है लेकिन 66 प्रतिशत कर्मचारियों का मानना है कि कंपनी बदलना ही उनके कौशल में सुधार करने का सबसे अच्छा तरीका था। करीब 90 प्रतिशत कर्मचारियों ने कहा कि अगर उन्हें सीखने और विकास के मौके से अधिक लाभ मिल सकता है तब वे नौकरी बदल देंगे।
‘एंड प्रोडक्टिविटी पैरनॉइ’ नाम की एक रिपोर्ट के अनुसार यह जरूरी है कि कंपनी के प्रबंधनकर्ता कंपनी के लक्ष्यों के बारे में स्पष्टता बनाएं और ‘कर्मचारियों की ऐसी व्यस्तता खत्म करें जिसका लक्ष्यों से कोई लेना-देना नहीं और कंपनी अपने कर्मचारियों की भी बात सुने।’ करीब 90 प्रतिशत से अधिक कर्मचारी इस बात से सहमत थे कि सहकर्मियों के साथ मेलजोल और टीम के बीच जुड़ाव बढ़ने से वे दफ्तर लौटने के लिए प्रेरित हो सकते हैं।
वार्षिक रिपोर्ट 11 देशों के 20,000 सूचना श्रमिकों, प्रबंधकों और कारोबारी फैसले लेने वालों के  बाहरी स्तर के अध्ययन पर आधारित है, जो माइक्रोसॉफ्ट 365 के उत्पादकता संकेतों, लिंक्डइन के श्रम रुझान और ग्लिंट पीपल साइंस के नजरिये वाले आंकड़ों के विश्लेषण पर आधारित है। इसने डिजिटल तरीके से जुड़ने और वितरित कार्यबल की आवश्यकता पर जोर देते हुए बेहतर नेतृत्व चलन, दोबारा कुशलता हासिल करने और लचीलापन अपनाने की सिफारिश की है।
माइक्रोसॉफ्ट इंडिया के कंट्री हेड (मॉडर्न वर्क) भास्कर बसु ने कहा, ‘उभरते हुए प्रतिभाशाली कर्मचारी आज के आर्थिक माहौल में संगठनों को प्रतिस्पर्धात्मक फायदा देंगे। इस अंतर को खत्म करने के लिए एक नए दृष्टिकोण की आवश्यकता है जो यह पहचाने कि काम करने की जगह अब सिर्फ एक जगह नहीं है, बल्कि एक अनुभव है जिससे कर्मचारियों को व्यस्त और जुड़ा रखने की आवश्यकता है। हालांकि इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे कहां से काम कर रहे हैं।’ 

First Published - September 29, 2022 | 9:34 PM IST

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