भारतीय औद्योगिक संघ (आईआईए) लघु उद्योगों में विभिन्न उत्पादन प्रक्रियाओं के प्रबंधन के लिए छात्रों को प्रशिक्षित करने की तैयारी कर रहा है।
ये प्रशिक्षित छात्र पूरे राज्य में फैले लघु एवं मझोले उद्यमों (एसएमई) के लिए दूसरी पंक्ति के प्रबंधकों की भूमिका निभाएंगे। आईआईए के चेयरमैन राजेश ग्रोवर ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि संगठन राज्य के प्रमुख प्रबंधन संस्थानों में छात्रों को प्रशिक्षित करने की तैयारी में जुटा हुआ है।
उन्होंने कहा, ‘हम इस परियोजना की बारीकियां समझने के लिए लखनऊ के जयपुरिया प्रबंधन संस्थान से बातचीत कर रहे हैं।’ बी. एससी, बी.कॉम और स्नातक के अन्य डिग्री पाठयक्रमों के लिए यह संगठन विभिन्न कॉलेजों से छात्रों को शामिल करेगा और उन्हें कम शुल्क पर प्रशिक्षण मुहैया कराएगा। ये पाठयक्रम लघु उद्योग की इकाइयों की जरूरतों को ध्यान में रख कर तैयार किए जाएंगे।
ग्रोवर ने बताया, ‘हम विभिन्न उद्यमियों, कंपनियों और प्रबंधन विशेषज्ञों से पाठयक्रम अंतर्वस्तु के संबंध में चर्चा कर रहे हैं।’ स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (सिडबी) ने भी इस परियोजना में उत्साह दिखाया है और वह इन छात्रों को रोजगार मुहैया कराने के अलावा स्नातकों को इस परियोजना में शामिल होने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करेगा।
लघु उद्योग की इकाइयों के मालिक इस प्रस्ताव को लेकर बेहद उत्साहित दिख रहे हैं। पनकी में एक प्लास्टिक निर्माण इकाई चलाने वाले रमेश लाम्बा कहते हैं कि यह परियोजना उनके जैसे लोगों के लिए वरदान साबित होगी। उन्होंने कहा, ‘ऐसे कुशल प्रबंधकों की तलाश करना बेहद कठिन है जो कम वेतन पर काम करने को तैयार हों और यदि हम उन्हें तलाश भी लेते हैं तो वे हमारे साथ लंबे समय तक काम नहीं करते।’
अच्छे पारिश्रमिक और जीवन स्तर के लिहाज से प्रशिक्षित प्रबंधक काम करने के लिए लखनऊ या राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) जैसी जगहों को पसंद करते हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि यह परियोजना क्षेत्र में कुशल और समर्थ प्रबंधकों की उपलब्धता और मांग के अंतर को पाटने में सहायक होगी।