भारत स्वनियंत्रित (चालक रहित) इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए वैश्विक अन्वेषण में चुपचाप लेकिन लगातार बड़ी भूमिका निभा रहा है। वैश्विक वाहन निर्माताओं के लिए पूरी तरह से चालक रहित कार विकसित करने के वास्ते जरूरी 10 करोड़ पंक्तियों के कोड का लगभग 35 प्रतिशत हिस्सा भारत में स्थित इंजीनियरों द्वारा लिखे जाने का अनुमान जताया जा रहा है।
भारत द्वारा निभाई जाने वाली इस महत्त्वपूर्ण भूमिका के संबंध में नैसकॉम के इंजीनियरिंग आरऐंडडी काउंसिल और सायइंट के मुख्य परिचालन अधिकारी कार्तिकेयन नटराजन ने कहा कि वैश्विक स्तर पर टियर 1 कंपनियों के पास पहले से ही भारत में 50,000-55,000 से ज्यादा सॉफ्टवेयर इंजीनियर काम कर रहे हैं, जबकि ओईएम के पास 25,000 अन्य इंजीनियर हैं।
नटराजन ने कहा ‘इन कंपनियों के सेवा प्रदाताओं ने केवल वाहनों के सॉफ्टवेयर की आवश्यकता के लिए ही 40,000 सॉफ्टवेयर इंजीनियरों को भी काम पर रखा है। स्वनियंत्रित कार बनाने के लिए कोड की 10 करोड़ पंक्तियों में से कम से कम 35 प्रतिशत देश में भारतीय इंजीनियरों द्वारा तैयार की जा रही हैं।’
नटराजन ने कहा कि इस सॉफ्टवेयर कार्य में से 50 से 60 प्रतिशत सुरक्षा और कार की खुबियों के संबंध में एल2 से लेकर एल5 तक के विभिन्न चरणों में हैं यानी आंशिक स्वनियंत्रित वाहन से लेकन पूरी तरह से स्वनियंत्रित तक वाले चरण में।
नटराजन ने कहा कि सायइंट के अलावा, जो सेवा प्रदाता इस प्रयास में मदद कर रहे हैं, उनमें केपीआईटी टेक्नोलॉजीज, टाटा ईएलएक्सएसआई, टीसीएस, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक्नोलॉजीज जैसी कंपनियां शामिल हैं। एचसीएल टेक्नोलॉजीज के प्रवक्ता ने कहा कि उनके पास एक उन्नत स्वनियंत्रित वाहन और संबंद्ध वाहन प्रौद्योगिकी कार्यक्रम है, जिसमें वैश्विक ग्राहकों के साथ काम किया जा रहा है।
टाटा ईएलएक्सएसआई के सीएमओ और मुख्य रणनीति अधिकारी नितिन पई ने कहा कि हम एडी और एडीएएस पर बड़े स्तर पर काम करते हैं और कुछ ऐसे समाधानों में भी निवेश किया है, जिन्हें ग्राहकों ने लाइसेंस दिया हुआ है। इनमें वह भी शामिल है, जो यूरोप में सार्वजनिक सड़क परीक्षण कर रहा है।
टीसीएस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और वैश्विक प्रमुख (इंटरनेट ऑफ थिंक्स तथा डिजिटल इंजीनियरिंग) आर अय्यास्वामी के अनुसार कंपनी ने स्वनियंत्रित कारों के विकास से संबंधित प्रौद्योगिकियों और सॉफ्टवेयर में निवेश किया है। उन्होंने कहा कि टीसीएस इस क्षेत्र में नए युग की वाहन कंपनियों और वाहन क्षेत्र के ओईएम के साथ काम कर रही है। टीसीएस ने स्वनियंत्रित कार का अपना संस्करण बनाया है, जिसमें परिपक्व उन्नत चालक सहायता प्रणाली (एडीएएस) एल्गोरिदम, सेंसर एकीकरण और नवीनतम सेमीकंडक्टर प्लेटफॉर्म शामिल हैं।