भारतीय इस्पात कंपनियां बड़े स्तर पर कच्चे माल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विदेशों में खानों का अधिग्रहण कर रही हैं या फिर उनमें हिस्सेदारी खरीद रही हैं।
इसी राह पर चलते हुए इस्पात इंडस्ट्रीज ने भी ब्राजील की कंपनी के साथ संयुक्त उपक्रम बनाने का फैसला किया है। ब्राजील की कंपनी के साथ बन रहे इस संयुक्त उपक्रम में कंपनी की हिस्सेदारी 20-30 फीसदी के बीच ही होगी।
कंपनी की आम वार्षिक बैठक के दौरान इस्पात इंडस्ट्रीज के चेयरमैन प्रमोद मित्तल का कहना है कि अभी यह बताना बेहद मुश्किल है कि खान में तकरीबन कितना लौह अयस्क होगा। उन्होंने कहा कि अभी उत्खनन का काम भी शुरू नहीं हुआ है, इसलिए इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई कि खान में तकरीबन 30 से 50 करोड़ टन के भंडार होने की उम्मीद है।
मित्तल का कहना है कि भंडार के आकार का पता लगने के बाद ही निवेश तय किया जा सकेगा, जिसमें 6 से 8 महीने का वक्त लगेगा। इस्पात ने कोलंबिया और मोजांबिक में कोकिंग कोयला उत्खनन के लिए संयुक्त उपक्रम बनाया है। इन खानों में 6 से 7 करोड़ टन का भंडार हो सकता है। इस्पात इंडस्ट्रीज को उम्मीद है कि ब्राजील में करार के तहत मिलने वाली लौह खानों में 30 से 50 करोड़ टन लौह अयस्क के भंडार हो सकते हैं।