जेएसडब्ल्यू समूह की कंपनी जेएसडब्ल्यू एनर्जी लिमिटेड (जेएसडब्ल्यूईएल) जल्द ही बिजली वितरण के क्षेत्र में भी आने वाली है।
टाटा पावर और अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर की तरह जेएसडब्ल्यू भी खुदरा और व्यवसायिक स्तर पर बिजली उत्पादन और वितरण करने की योजना बना रही है। कंपनी इसकी शुरुआत महाराष्ट्र में बिजली वितरण के साथ करने वाली है।
जेएसडब्ल्यू ग्रुप के चेयरमैन सान जिंदल ने बताया, ‘हम बिजली वितरण क्षेत्र में आने की योजना बना रहे हैं। इस बारे में तैयारियां चल रही हैं इसीलिए अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।’ कंपनी इस परियोजना में कितना निवेश करेगी और रकम कहां से जुटाएगी इस बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है।
कंपनी महाराष्ट्र में होने जा रहे बिजली वितरण के निजीकरण में फ्रैंचाइजी मॉडल के जरिए बिजली वितरण करने की बोली लगाएगी। इस परियोजना के तहत बोली में सफल होने वाली कंपनियों को सिर्फ बिजली वितरण करने के अधिकार होंगे और बिजली उत्पादन इकाइयों पर उनका कोई अधिकार नहीं होगा। हालांकि फै्रंचाइजी कंपनियों को संयंत्रों के प्रदर्शन में सुधार करने के लिए अतिरिक्त निवेश करने की छृट होगी।
सरकारी कंपनी महाराष्ट्र स्टेट डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एमएसईडीसीएल) औरंगाबाद, अहमदनगर , उल्लासनगर और जलगांव में निजी कंपनियों को बिजली वितरण के अधिकार देने की योजना बना रही है। जेएसडब्ल्यू एनर्जी के वाइस चेयरमैन एन के जैन ने बताया कि बिजली वितरण क्षेत्र में कंपनी के लिए काफी संभावनाएं हैं।
इस क्षेत्र में आने से कंपनी के बिजली उत्पादन और ट्रांसमिशन योजना को पूरा करने में मदद मिलेगी। जिंदल ने बताया कि कंपनी ने महाराष्ट्र के जायगढ़ स्थित 1200 मेगावाट की क्षमता वाले संयंत्र से बिजली के ट्रांसमिशन के लिए 400 किलोवाट का ट्रांसमिशन संयंत्र लगाने के लिए संयुक्त उपक्रम बनाया है। कंपनी की योजना कर्नाटक सरकार के साथ भी ऐसा ही संयुक्त उपक्रम बनाने की है।
कंपनी जापानी दिग्गज तोशिबा के साथ मिलकर चेन्नई में बिजली उपकरणों के निर्माण की इकाई भी लगा रही है। इसके साथ ही कंपनी ने चीन की शांघाई इलेक्ट्रिक और कोरिया की दोंग फांग के साथ कंपनी के लगने वाले संयंत्रों में उपकरणों की आपूर्ति के लिए करार किया है।