डेस्कटॉप और लैपटॉप बनाने वाली चीनी कंपनी लेनोवो भारत में डेस्कटॉप के बढ़ते कारोबार पर ध्यान देना चाहती है।
इस ओर ध्यान देते हुए कंपनी अपनी डेस्कटॉप शृंखला को ग्राहकों को ध्यान में रखकर तैयार किए जाने वाले ‘सेंटर’ सीरीज के साथ बढ़ा रही है। इस सीरीज के साथ कंपनी डेल और एचपी के लोकप्रिय किफायती पीसी के साथ व्यक्ति से व्यक्ति तक मुकाबला करेगी।
ये सिस्टम बढ़िया प्रदर्शन करते हैं और साथ ही इनमें एंटी-बैक्टीरियल कीबोर्ड और चेहरा पहचानने जैसी विशेषताएं भी हैं। चीन में जहां यह जाना-पहचाना नाम है, वहीं भारत में भी डेस्कटॉप पीसी वेंडर्स में भी लेनोवो शीर्ष तीन में शामिल हो पाने में सफल रही है। हालांकि इसकी बाजार हिस्सेदारी 6 प्रतिशत के आस-पास है।
एक रिसर्च फर्म, आईडीसी के अनुसार कैलेंडर वर्ष 2008 की अप्रैल से जून तिमाही में डेस्कटॉप की शिपमेंट साल-दर-साल के आधार पर 2.4 प्रतिशत घटी है, जबकि लैपटॉप शिपमेंट में समान अवधि में 51 फीसदी का इजाफा देखा गया है।
आईडीसी के अनुसार लैपटॉप क्षेत्र में भारत में लेनोवो एचपी के बाद दूसरे स्थान पर है। कंपनी के वित्त वर्ष 2008 के कुल राजस्व का लगभग 60 प्रतिशत से हिस्सा लैपटॉप कारोबार से ही मिला है। ग्राहकों के लिए कंपनी ने आइडियापेक शृंखला पेश की थी।
लेनोवो इंडिया के प्रबंध निदेशक अमर बाबू ने बताया कि डेस्कटॉप में वृध्दि लैपटॉप की कीमत पर नहीं की जाएगी, ‘जिनमें हम पहले ही मजबूत दावेदार है।’ उनका कहना है, ‘चीन के बाहर भारत पहला ऐसा देश था, जहां लेनोवों के कंज्यूमर ब्रांड को पेश किया गया है।
जैसा कि आंकड़ों से पता चलता है, यहां लैपटॉप का कारोबार बिना किसी मेहनत-मशक्कत के बढ़ रहा है। हम निश्चित रूप से डेस्कटॉप के मामले में भी बढ़िया करेंगे। इसलिए हम छोटे शहरों में जहां इनका इस्तेमाल कम है, वहां भी डेस्कटॉप में वृध्दि देखेंगे।’
पेइचिंग ओलंपिक के चलते कंप्यूटर निर्माता कंपनी, जो प्रमुख आयोजकों में शामिल थी, की ब्रांड छवि को काफी फायदा मिला है। लेनोवो की योजना इस साल की दूसरी तिमाही में सर्वर लॉन्च करने की भी है, जहां आईबीएम, एचपी, डेल और एसर का दबदबा है।