मार्जिन में गिरावट को छोड़ दें तो भारत की छठी सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी सेवा प्रदाता कंपनी लार्सन एंड टुब्रो इंफोटेक (L&T Infotech या LTI) के सितंबर तिमाही के नतीजे बाजार के अनुमानों से बेहतर रहे। हालांकि इस बात की आशंका थी कि अर्थव्यवस्था से संबंधित बडी चुनौतियों का कंपनी के तिमाही परिणाम पर असर पड़ सकता है, लेकिन LTI के तिमाही नतीजे पर ऐसा नहीं दिखा, बल्कि अलग-अलग वर्टिकल (खंड) और भौगोलिक क्षेत्रों (geographies) में कंपनी ने बेहतर प्रदर्शन किया।
तिमाही दर तिमाही कंपनी का रेवेन्यू ग्रोथ (revenue growth) 46 प्रतिशत दर्ज किया गया जिसमें बैंकिंग व फाइनेंशियल और इंश्योरेंस (BFSI) जैसे महत्वपूर्ण वर्टिकल का बड़ा योगदान रहा। प्रत्येक में 4.5-5 प्रतिशत की बढोतरी देखी गई। इन दोनों वर्टिकल का कंपनी के कुल रेवेन्यू में 48 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। कंपनी के एनर्जी और यूटिलिटी वर्टिकल का प्रदर्शन इस तिमाही के दौरान सबसे बेहतर रहा। इस वर्टिकल में 14 प्रतिशत की ग्रोथ देखी गई जबकि तिमाही आधार पर केवल टेक्नोलॉजी, मीडिया और एंटरटेनमेंट ऐसे वर्टिकल रहे जहां एक बड़े क्लाइंट के दूसरी ग्लोबल डिलीवरी स्ट्रक्चर की तरफ रुख करने की वजह से 47 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।
अर्थव्यवस्था से संबंधित बड़ी चुनौतियों के बावजूद कंपनी वित्त वर्ष 2023 में अपने प्रदर्शन को बरकरार रखने को लेकर आश्वस्त है। वित्त वर्ष 2023 की दूसरी छमाही में कंपनी को बेहतर ग्रोथ के लिए बड़े सौदे, एक मजबूत पाइपलाइन और क्लाइंट माइनिंग से मदद मिल सकती है।
कंपनी ने उच्च प्रौद्योगिकी, बीमा, विनिर्माण और सर्विसेज में चार बड़े सौदे हासिल किए जिनका कुल अनुबंध मूल्य (contract value) 80 मिलियन डॉलर था, हालांकि यह महामारी पूर्व की सीमा से कम है। समग्र पाइपलाइन 2 बिलियन डॉलर के मजबूत स्तर पर बनी हुई है। दिसंबर तिमाही के लिए बेहतर गाइडेंस, डील को लेकर कंपनी के एप्राेच और मजबूत पाइपलाइन को देखते हुए अधिकांश ब्रोकरेज फर्म ने वित्त वर्ष 2023 और 24 में कंपनी के डॉलर रेवेन्यू में 12 से 16 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया है।
Motilal Oswal Research के विश्लेषक (analysts) मुकुल गर्ग और राज प्रकाश भानुशाली का कहना है कि मैन्युफैक्चरिंग को लेकर क्लाइंट थोड़े सतर्क हैं जबकि अर्थव्यवस्था को लेकर माहौल चुनौतीपूर्ण बना हुआ है, लेकिन इससे डील पाइपलाइन प्रभावित नहीं हुई है और प्रौद्योगिकी को लेकर बजट में कोई कमी नहीं आई है।
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज का भी मानना है कि ग्राहकों द्वारा लागत को लेकर फोकस में बदलाव से discretionary खर्च कम होगा और LTI सहित मध्य-स्तरीय कंपनियों की वृद्धि प्रभावित होगी। ब्रोकरेज फर्म के साथ काम करने वाले कंवलजीत सलूजा और सतीश कुमार एस, हालांकि कहते हैं कि कोर आधुनिकीकरण और त्वरित निष्पादन के दम पर मंदी में भी विकास के अवसर होंगे।
जहां राजस्व वृद्धि और ऑर्डर पाइपलाइन को लेकर कंपनी का प्रदर्शन बेहतर रहा, वहीं मार्जिन के मामले में कंपनी चूक गई। ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन (EBIT) तिमाही आधार पर 10 आधार अंक बढ़कर 16.1 प्रतिशत हो गया, जबकि consensus estimates 16.4 प्रतिशत का था। रुपये में ज्यादा अवमूल्यन के कारण ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन consensus estimates के मुताबिक नहीं रही। वित्त वर्ष 2013 की दूसरी छमाही में EBIT मार्जिन को कम एट्रिशन रेट (नौकरी छोडने की दर में कमी) lower average premium for laterals, improved utilisation और pyramid structure से मदद मिल सकती है।
मोतीलाल ओसवाल रिसर्च का इस कंपनी के स्टॉक को लेकर ‘neutral’ रेटिंग है क्योंकि 4,720 रुपये का target price (at 25 times FY24 earnings estimates) सीमित तेजी के मौके प्रदान कर रहा है।
LTI का शेयर 4,686 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहा है। यह देखते हुए कि कंपनी का स्टॉक फुल वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहा है, Kotak Institutional Equities ने इस कंपनी के स्टॉक को लेकर ‘reduce’ रेटिंग दी है।