facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

कमजोर जून तिमाही से मैरिको पर लगाम

Last Updated- December 11, 2022 | 5:41 PM IST

प्रमुख उपभोक्ता कंपनी मैरिको का प्रदर्शन जून में काफी कमजोर रहा और उसमें 18 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। जबकि एसऐंडपी बीएसई एफएमसीजी सूचकांक में महज 3 फीसदी की गिरावट आई और बीएसई 100 सूचकांक में इस दौरान 6 फीसदी की गिरावट रही। निकट भविष्य में मार्जिन संबंधी चिंता, तगड़ी प्रतिस्पर्धा और अ​धिक मूल्यांकन से शेयर को झटका लगा।
हालांकि इस महीने मैरिको के शेयर में कुछ सुधार दिखा है लेकिन जून तिमाही में कमजोर प्रदर्शन का असर भारतीय बाजार में उसके परिचालन प्रदर्शन पर दिख सकता है। कंपनी का परिचालन प्रदर्शन भी उम्मीद से कमतर रहा। भारतीय बाजार में 21 फीसदी के उच्च आधार पर कंपनी के वॉल्यूम में करीब 5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2020-21 की चौथी तिमाही में 25 फीसदी की ऊंचाई के बाद पिछली छह तिमाहियों के दौरान वॉल्यूम ग्रोथ में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। जबकि दिसंबर और मार्च तिमाही के दौरान वॉल्यूम ग्रोथ लगभग ​​स्थिर रहा था। तिमाही के दौरान उच्च आधार के कारण फूड श्रेणी का प्रदर्शन भी कमजोर रहा। इसके अलावा कोविड के संक्रमण में नरमी के कारण पोषण संबंधी श्रे​णियों में भी भारी गिरावट दर्ज की गई।
एंटिक स्टॉक ब्रोकिंग के उपाध्यक्ष (अनुसंधान) अ​भिजित कुंडू ने कहा कि तीन वर्षीय वार्षिक वृद्धि के आधार पर मैरिको इंडिया का वॉल्यूम ग्रोथ 2 फीसदी दिखता है जो अन्य कंपनियों के प्रदर्शन के मुकाबले कमजोर है। कंपनी के प्रदर्शन को मुख्य तौर पर सफोला तेल में दो अंकों की गिरावट और पैराशूट तेल श्रेणी में गिरावट से झटका लगा। कंपनी का कहना है कि गिरावट की मुख्य वजह आधार तिमाही के दौरान अ​धिक घरेलू उपयोग और खाद्य तेल में कमजोर बिक्री रही।
तिमाही-पूर्व समीक्षा के अनुसार, कच्चे माल में अप्रत्या​शित महंगाई, आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और ग्राहकों के लिहाज से मूल्य वृद्धि में अनपे​क्षित प्रभाव के कारण इस ब्रांड ने वॉल्यूम के बजाय मार्जिन को बरकरार रखने पर ध्यान दिया। सफोला तेल को छोड़कर कंपनी के भारतीय कारोबार के वॉल्यूम में मामूली वृद्धि दर्ज की गई।
जिन श्रे​णियों का प्रदर्शन अच्छा रहा उनमें पर्सनल केयर और अंतरराष्ट्रीय परिचालन शामिल हैं। हालांकि अ​धिक आय वाले उपभोक्ताओं पर कम प्रभाव और कम आधार के कारण प्रीमियम श्रेणी का प्रदर्शन बेहतर रहा। सभी वै​श्विक बाजारों में कंपनी ने ​स्थिर मुद्रा आधार पर 15 से 17 फीसदी के दायरे में वृद्धि दर्ज की। तिमाही के दौरान अंतरराष्ट्रीय कारोबार के दमदार प्रदर्शन के बावजूद कुल राजस्व वृद्धि लगभग ​स्थिर रही।

First Published - July 9, 2022 | 12:01 AM IST

संबंधित पोस्ट