जापानी ऑटो कंपनी सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन ने अपनी भारतीय सहयोगी कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया को भारत में छोटी कार के लिए अनुसंधान और विकास (आरएंडडी) कार्य बढ़ाने को कहा है।
कंपनी ने यह कदम भारत के बाजार में कारों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए उठाया है। मारुति सुजुकी इंडिया के अध्यक्ष आर सी भार्गव ने कंपनी के शेयरधारकों को संबोधित करते हुए कहा कि सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष ओसामा सुजुकी ने निदेशक मंडल को छोटे इंजन के अनुसंधान और विकास के स्तर को बढ़ाकर 1,200 सीसी तक करने को कहा है।
भार्गव ने कहा फिलहाल इन इंजनों के अनुसंधान और विकास कार्य का लगभग 60-70 फीसदी हिस्सा जापान में किया जाता है, लेकिन ओसामा सुजुकी चाहते हैं कि अनुसंधान और विकास का 90 फीसदी भाग भारत में पूरा हो।
उन्होंने बताया कि सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष का विचार है कि वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के मद्देनजर छोटी कार की बिक्री बढ़ने वाली है, जबकि बड़ी कारों की बिक्री घटेगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ओसामा सीएनजी और इलेक्ट्रिक बैटरी जैसे स्वच्छ ईंधन वाली कारों को विकसित करना चाहते हैं।
मारुति सुजुकी जो वित्त वर्ष 2008 में लगभग 50 हजार करों का निर्यात कर चुकी है, अपनी कॉम्पैक्ट कार ए स्टार के साथ एक बार फिर यूरोपीय बाजार में उतरेगी। कंपनी दो साल पहले सही यूरोपीय बाजार को अलविदा कह चुकी है।