देश के स्टार्टअप तंत्र को रकम चाहे पहले से कम मिल रही हो मगर 2022 की पहली तिमाही में भारत सबसे ज्यादा यूनिकॉर्न तैयार करने के लिहाज से दूसरे स्थान पर आ गया है। उसने इस मामले में चीन को भी पछाड़ दिया है। हुरुन ग्लोबल यूनिकॉर्न सूचकांक 2022 के अनुसार भारत ने इस साल की पहली छमाही में 14 नई यूनिकॉर्न और चीन ने 11 यूनिकॉर्न जोड़ी हैं। यूनिकॉर्न का दर्जा 1 अरब डॉलर की हैसियत वाली स्टार्टअप को ही दिया जाता है।
हुरुन ग्लोबल यूनिकॉर्न इंडेक्स 2022 की पहली छमाही की रिपोर्ट के अनुसार यूनिकॉर्न क्लब में अमेरिका 138 नई स्टार्टअप के साथ शीर्ष पर है। ऐसा पहली बार नहीं है जब किसी खास अवधि के दौरान भारत में अधिक यूनिकॉर्न बनी हैं। पीडब्ल्यूसी की रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2021 की तीसरी तिमाही में भारत में 10 नई यूनिकॉर्न बनीं, जबकि चीन और हॉन्गकॉन्ग में सात नई यूनिकॉर्न ही बनी थीं।
इस साल की पहली छमाही के दौरान दुनिया भर में कुल 254 नई यूनिकॉर्न उभरी हैं। अमेरिका कुल 625 यूनिकॉर्न के साथ सूची में सबसे ऊपर है, इसके बाद चीन 312 यूनिकॉर्न और भारत 68 यूनिकॉर्न के साथ तीसरे स्थान पर हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है, ‘भारत 68 यूनिकॉर्न के साथ तीसरे स्थान पर है। भारत के शीर्ष स्टार्टअप में 22 अरब डॉलर की हैसियत वाली बैजूस के बाद स्विगी (11 अरब डॉलर) और फैंटसी स्पोर्ट्स मंच ट्रैवल-स्टे फाइंडर ड्रीम 11 (8 अरब डॉलर) का स्थान है। 2022 की पहली छमाही के दौरान दुनिया भर में कुल 254 नई यूनिकॉर्न बनी थीं।’ रिपोर्ट के अनुसार भारतीय सह-संस्थापकों ने 56 यूनिकॉर्न देश के बाहर शुरू कीं। भारतीयों ने दुनिया भर में कुल 124 यूनिकॉर्न स्थापित किए हैं।