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मोटोरोला के संजय

Last Updated- December 07, 2022 | 4:02 PM IST

पिछले साल दिसंबर में पद्मश्री वारियर ने जब मोटोरोला को छोड़कर सिस्को के मुख्य तकनीकी अधिकारी का पद संभाला था उस समय दूरसंचार की इस दिग्गज कंपनी के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी।


दरअसल मोटोरोला की सफलता की कहानी में कंपनी सबसे ज्यादा बिकने वाले और लोकप्रिय हैंडसेट रेजर का बहुत बड़ा योगदान था और इसके लिए काफी हद तक वारियर को श्रेय दिया जाता था। ऐसे में वारियर के कंपनी को छोड़कर जाने से कंपनी के भविष्य को लेकर सवाल उठना लाजिमी था।

यह वर्ष 2007 की बात है और उस समय मोटोरोला 37 अरब डॉलर की कंपनी थी। क्वालकॉम के संजय झा को नया साझा कार्यकारी अधिकारी और मोबाइल डिवाइसेज इकाई का प्रमुख बनाए जाने से मोटोरोला के शेयरधारकों को राहत की सांस मिली होगी।

भारत में जन्मे झा को कंपनी के साथ जोड़ने से मोटोरोला का बाजार पूंजीकरण एक दिन के कारोबार में ही दो अरब डॉलर से अधिक बढ़ गया है। इससे इतना तो साफ हो गया था कि उनके नेतृत्व में कंपनी के पास विकास की असीम संभावनाएं हैं।

झा ने स्कॉटलैंड के स्ट्राथक्लाइड विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी की डिग्री ली है और इंग्लैंड के लिवरपूल विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग में बैचलर्स की डिग्री ली है। क्वालकॉम के साथ जुड़ने के पहले झा सैन डियागो के ब्रूकट्री में इंजीनियर थे । वर्ष 1994 में सैटेलाइट फोन पर काम करने के लिए झा वरिष्ठ इंजीनियर के तौर पर क्वालकॉम से जुड़ गए।

सेलफोन चिप्स और सॉफ्टवेयर के विकास में महारत देखते हुए उन्हें 1997 में इंजीनियरिंग शाखा का उपाध्यक्ष बनाया गया। उन्होंने 2002 में क्वालकॉम की निवेश शाखा की शुरुआत की और 2003 में उसके अध्यक्ष बन गए। 2006 में क्वालकॉम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनने से पहले उन्हें कार्यकारी उपाध्यक्ष बनाया गया था।

हालांकि झा की वजह से कंपनी ने अपनी खोई प्रतिष्ठा पाई है, इसे लेकर विश्लेषक एकमत नहीं हैं। विश्लेषकों का तर्क है कि भले ही झा में कार्य परिचालन की कुशलताएं हों, पर क्वालकॉम में उन्होंने जो काम किया मोटोरोला में उनसे कुछ दूसरी तरह की अपेक्षाएं हैं। मोटोरोला को एक ऐसे व्यक्ति की जरूरत है जिसमें ज्यादा रचनात्मकता हो। इसके बाद भी कंपनी झा पर तीन करोड़ डॉलर का दांव खेल रही है।

प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (एसईसी) को दी गई जानकारी के अनुसार झा को मोटोराला के 37 लाख शेयर सौंपे गए हैं और स्टॉक ऑप्शन के तहत अतिरिक्त 1.66 करोड़ शेयर दिए गए हैं। एसईसी के पास दर्ज झा की नियुक्ति शर्तों के अनुसार उन्हें इस साल 12 लाख डॉलर से अधिक का मूल वेतन और 24 लाख डॉलर का बोनस मिलेगा।

मोटोरोला अपनी मोबाइल इकाई को दो अन्य इकाइयों से अलग करने की योजना बना रही है। ऐसी उम्मीद है कि 2009 की तीसरी तिमाही तक यह विभाजन पूरा कर लिया जाएगा और झा इस स्वतंत्र हैंडसेट इकाई का नेतृत्व करेंगे जबकि दूसरी इकाई की कमान को-सीईओ ग्रेग ब्राउन के हाथों में होगी।

झा के नियुक्ति पत्र में उल्लेख किया गया है कि अगर 31 अक्टूबर, 2010 तक कंपनी की इकाइयों का बंटवारा नहीं हो पाता है तो उन्हें इसके लिए तीन करोड़ डॉलर मिलेंगे। वहीं अगर विभाजन हो जाता है तो उन्हें इस नई हैंडसेट कंपनी के तीन फीसदी स्टॉक और स्टॉक ऑपशन्स मिलेंगे। नई हैंडसेट इकाई के मुखिया के तौर पर झा की भूमिका कितनी दमदार होगी यह तो वक्त ही बताएगा।

First Published - August 8, 2008 | 11:47 PM IST

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