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पिनइन्फरिना में नए निवेश से परहेज करेगी एमऐंडएम

Last Updated- December 11, 2022 | 4:16 PM IST

महिंद्रा ऐंड महिंद्रा (एमऐंडएम) ने एडलवाइस सिंगापुर कॉन्फ्रेंस 2022 में कहा कि उसने ऑटोमोबाइली पिनइन्फरिना  (एएफपी) में नया निवेश नहीं करने की योजना बनाई है और वह बाहरी निवेशक तलाशने की संभावना देख रही है। कंपनी प्यूजो मोटरसाइ​किल्स, महिंद्रा ट्रक्स ऐंड बसेज एवं कंस्ट्रक्शन इ​क्विपमेंट व्यवसाय पर भी गंभीरता से नजर रख रही है, क्योंकि इनका प्रदर्शन उम्मीद से कमजोर है। 
इन व्यवसायों ने कमजोर प्रदर्शन किया है और पिछले कुछ वर्षों से इनकी समीक्षा की जा रही है।वर्ष 2020 में निर्धारित अपनी नई पूंजी आवंटन नीति के तहत कंपनी ने कहा था कि हरेक निवेश पूंजी पर 18 प्रतिशत प्रतिफल वाला होना चाहिए। एमऐंडएम ऐसे निवेश से बाहर निकलेगी जिनकी राह मुनाफे के संदर्भ में स्पष्ट नहीं है।

महामारी फैलने के बाद, एमऐंडएम ने अपनी सहायक इकाइयों को तीन अलग अलग श्रे​णियों में विभाजित किया। जहां जो श्रे​णियां 18 प्रतिशत आरओई (पूंजी पर प्रतिफल) से जुड़ी हुई थीं, उन्हें ‘श्रेणी-ए’ में शामिल किया गया था, वहीं मुनाफे की राह पर विलंब से लौटने, लेकिन अच्छा प्रभाव रखने वाली इकाइयों को ‘श्रेणी-बी’ में रखा गया था।  
श्रेणी-सी में उन कंपनियों को रखा गया, जिनकी राह मुनाफे को लेकर पूरी तरह स्पष्ट नहीं थी। इसके लिए एमऐंडएम ने भागीदारी करने, पूरी तरह बंद करने जैसे विकल्पों पर जोर दिया। सांगयोंग, जेनजे, जिप्सएयरो, साबोरो डेरी और महिंद्रा फर्स्ट च्वाइस सर्विसेज जैसी नुकसान में चल रही सहायक इकाइयों को ‘श्रेणी-सी’ में रखा गया। 

First Published - August 26, 2022 | 10:57 PM IST

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