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नैनो के लिए जगी नई उम्मीद

Last Updated- December 07, 2022 | 7:47 PM IST

सिंगुर से टा-टा की तैयारी कर रहे रतन टाटा के लिए बात कुछ बनती नजर आ रही है।


वह यूं कि नैनो परियोजना के खिलाफ हठ पर बैठीं ममता बनर्जी ने खुद ही बुधवार को यह उम्मीद जता दी कि अगले एक-दो दिनों में इस मसले पर कोई न कोई हल निकल जाएगा।

उन्होंने कहा -पश्चिम बंगाल के राज्यपाल गोपालकृष्ण गांधी की पहल पर अगले 48 घंटों में सिंगुर मामले पर चल रहे गतिरोध का समाधान निकल सकता है। राज्यपाल ने हमसे बात की और राज्य सरकार से भी बात की है। ऐसे में लगता है कि आज या कल तक समाधान का एक रचनात्मक खाका बन जाएगा।

ममता के ऐलान से पहले राजभवन के सूत्रों ने बताया कि  नैनो मामले पर संबंधित पक्षों के बीच पहली बैठक  5 सितंबर को होगी। इससे पहले राज्यपाल ने टाटा को भी पत्र लिख कर मध्यस्थ के जरिए इस मुद्दे के हल की दिशा में की गई शुरुआत के बारे में सूचित किया था।

इधर, पश्चिम बंगाल सरकार भी इस मसले पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की योजना बना रही है। बैठक की तिथि अभी तय नहीं की गई है। राज्य के मुख्य सचिव ए. के. देव ने बताया कि सिंगुर मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाई जाएगी, लेकिन इसकी तिथि तय करना अभी बाकी है।

वहीं, कांग्रेस ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए राज्य विधानसभा में आपातकालीन सत्र बुलाने की मांग की है। कांग्रेस विधायक दल के नेता मानस भुइंया ने कहा कि सदन में इस मुद्दे पर विचार होना चाहिए और सरकार को मुद्दे पर अपना रूख भी स्पष्ट करना चाहिए।

किसान ने की आत्महत्या

इस बीच, सिंगुर में नैनो संयंत्र के लिए अपनी जमीन देने वाले एक किसान के आत्महत्या कर लेने से मामला और गरमा गया है। सूत्रों के मुताबिक, उसके परिवार को संयंत्र में काम भी मिला था। परिजनों का कहना है कि मुआवजा पर्याप्त नहीं था और संयंत्र बंद होने से काम रोजगार छिनने के कारण भी घर की माली हालत खराब होने लगी, जिससे तंग आकर उसने आत्महत्या कर ली।

केंद्र का हस्तक्षेप से इनकार केंद्र सरकार ने अपनी तरफ से सिंगुर मामले के गतिरोध को हल करने में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है, लेकिन कहा है कि अगर इस मामले में शामिल किसी भी पक्ष ने संपर्क किया, तो वह ऐसा करेगा।

भारी उद्योग मंत्री संतोष मोहन देव ने इस बात की जानकारी दी। यह पूछने पर कि क्या केंद्र ने मसले को नजरअंदाज करने का रास्ता चुना है, तो उन्होंने कहा कि अगर वे हमारे पास आते हैं, तो हम हस्तक्षेप करेंगे। वैसे, इस मामले पर राज्य सरकार को निर्णय करना है।

विरोधी-समर्थकों में ठनी

टाटा परियोजना के लिए सामान मुहैया कराने वाले लगभग 250 आपूर्तिकर्ता समूहों ने एक रैली निकाल कर ममता बनर्जी के सिंगुर से हटने और परियोजना स्थल पर काम शुरू कराने की मांग की। पुलिस ने बताया कि रैली के हिंसक हो जाने से पथराव की खबरें भी मिली हैं।

First Published - September 4, 2008 | 12:52 AM IST

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